बागेश्वर। सांसद आदर्श गांव सूपी के राइंका में प्रधानाचार्य और शिक्षकों के कई पद खाली चल रहे हैं। वहां पंजीकृत 400 बच्चों को पढ़ाने के लिए मात्र एक प्रवक्ता और चार सहायक अध्यापक ही तैनात है। शिक्षकों की भारी कमी से पठन पाठन कार्य प्रभावित हो रहा है। गुस्साए अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर कॉलेज में शिक्षकों की शीघ्र तैनाती करने की मांग की है। शीघ्र तैनाती न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए ज्ञापन में अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा है कि राइंका सूपी में 400 छात्र अध्ययनरत हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद लंबे समय से खाली है। प्रवक्ताओं के कुल नौ पदों में से सिर्फ गणित विषय के ही प्रवक्ता हैं। हिंदी, अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक, जीव विज्ञान, इतिहास और राजनीति विज्ञान विषय के प्रवक्ता नहीं हैं। एलटी के आठ पदों के सापेक्ष चार ही तैनात हैं। हिंदी, अंग्रेजी विज्ञान और सामाजिक विज्ञान पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो गई है।
माध्यमिक शिक्षा की पढ़ाई के लिए अनेक लोग बच्चों को अन्यत्र पलायन कर चुके हैं। विद्यालय में प्रवर सहायक और परिचारक स्वच्छक का पद भी लंबे समय खाली हैं। उन्होंने सीईओ से समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पीटीए अध्यक्ष कुंवर राम, एसएमसी अध्यक्ष शोबन सिंह टाकुुुली, संरक्षक और तरसाल पतियासर के पूर्व प्रधान मोहन सिंह और प्रधान भागीरथी देवी आदि शामिल थे। सीईओ हरीश रावत ने बताया कि इसी बीच विद्यालय में शासन से एक प्रवक्ता की तैनाती हुई है। शासन से शिक्षक मिलने पर प्राथमिकता के आधार पर तैनाती की जाएगी।