बागेश्वर। आपदा की मार से आवासीय भवनों को नुकसान की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बारिश के बीच जिले में दो और मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। खतरे को देखतेे हुए प्रभावितों ने अन्यत्र शरण ली है। दूसरी ओर आपदा की मार के चलते दो मार्ग बंद रहे। इससे आवाजाही ठप रही और निर्भर ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ी।
मंगलवार को जिला आपदा कंट्रोल रूम में दो और मकान क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं दर्ज की गई। सोमवार को हुई जोरदार बारिश के बीच बागेश्वर तहसील के कलांग गांव में गोवर्द्धन का आवासीय भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। प्रभावित परिवार को पड़ोसी के घर शरण लेनी पड़ी। सूचना पर राजस्व कर्मी ने नुकसान का जायजा लिया। दूसरी ओर सोमवार रात हुई बारिश के बीच तहसील के आरे में हीरा लाल का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया।
आवासीय भवन को नुकसान और संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित हीरा लाल और पत्नी चंद्रा ने पास ही स्थित अपने बेटे के मकान में शरण ली। प्रभावित का बेटा परिवार समेत दिल्ली में रहकर नौकरी करता है। राजस्व कर्मियों ने नुकसान का आकलन किया। इधर, रेडक्रॉस सोसाइटी के अशोक लोहनी, आलोक पांडे ने आरे के प्रभावित को टेंट, बर्तन और जरूरी सामान मुहैया कराया। प्रशासन ने बागेश्वर, गरुड़ ब्लॉक में आंशिक क्षतिग्रस्त मकानों के प्रभावितों को राहत राशि बांटी।
मलबा आने से कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर मार्ग लगातार दूसरे माह भी बंद रहा। बालीघाट-दोफाड़-धरमघर मोटर मार्ग बंद हो गया। इससे आवाजाही ठप हो गई। ग्रामीणों को आनेजाने के लिए मलबे का पहाड़ लांघना पड़ा। इसके अलावा भी दिनभर जिले भर के अधिकांश मोटर मार्गों पर मलबा आया। कपकोट ब्लॉक की सड़कें मलबा आने से अधिक प्रभावित रही। बिजौरीझाल-औखलसों और दोफाड़-पपोन-रताई मोटर मार्ग भी मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया। बाद में कार्यदायी संस्था ने मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया।