अल्मोड़ा/बागेश्वर। 19 सूत्री मांगों का अभी तक निदान न होने से राजकीय शिक्षक भड़क उठे हैं। मंगलवार को प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर अल्मोड़ा, बागेश्वर जिलों में शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
अल्मोड़ा में राजकीय शिक्षक संघ ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में की तालाबंदी और धरना दिया। इस दौरान हुई सभा में उन्होंने देहरादून में आंदोलनरत प्रांतीय पदाधिकारियों के दुर्भावनावश तबादले करने की निंदा की। उन्होंने शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने, शिक्षकों को एसीपी का लाभ, कोटिकरण को दुरुस्त करने, यात्रा अवकाश के स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की।
वहां जिलाध्यक्ष हीरा सिंह बोरा, उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार जोशी, मंत्री भूपाल सिंह चिलवाल, कैलाश सिंह रौतेला, कमल किशोर तिवारी, नितिन वर्मा, कैलाश सिंह डोलिया, अखिलेश बिष्ट, सवित जनौटी, त्रिभुवन उपाध्याय, बीडी पांडे, राजू मेहरा, विशन सिंह अधिकारी, त्रिभुवन कुमार, पूनम भंडारी, दीप चंद्र पांडे, हरीश वर्मा, किशन खोलिया, जगदीश पांडे, माधो सिंह बिष्ट आदि थे।
बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ विकास खंड में तैनात राजकीय शिक्षकों ने भी सीईओ के दफ्तर पर ताले जड़ दिए। कहा कि सरकार का यही रुख रहा तो शिक्षक आमरण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उत्तराखंड राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष विक्रम पिल्ख्वाल, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष चरण सिंह बघरी ने आंदोलन स्थल पहुंचकर समर्थन दिया। इस दौरान भुवन चंद्र जोशी, डॉ. हरीश दफौटी, विजय गोस्वामी, हरीश चंद्र भट्ट, मुकुल भाकुनी, दयाल कुमल्टा, दीप चंद्र पांडे, अतुल लोहनी, डॉ. राजीव जोशी, गोपाल पंत, देवेंद्र मेहता, बीडी पांडेय, एमसी साह, मंगल बिष्ट, महिमन ऐठानी, नूर अफजल, प्रताप मेहरा, महीपाल डसीला आदि थे।