बागेश्वर। जन समस्याओं का तत्परता से समाधान न हो पाना यहां अब आम बात हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली से आम जनता परेशान सी हो गई है। तोली सीट के जिपं सदस्य और भाजपा नेेता गोविंद दानू कुछ अन्य लोगों के साथ बुधवार को डीएम से मिले और उन्हें सात सूत्री मांग पत्र सौंपा। उन्होंने पीएमजीएसवाई के तहत बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
कहा कि पीएमजीएसवाई की रिखाड़ी-बाछम-बदियाकोट सड़क का धूर से बदियाकोट के लिए स्टेज दो, चार का पांच फरवरी को निविदा लगने के बाद भी निर्माण शुुरू नहीं हो सका है। कपकोट ब्लॉक में मनरेगा के कार्यों का भुगतान छह महीने, एक साल बाद भी नहीं हो सका है। इससे मजदूर परेशान हैं। मनरेगा का बजट हर साल घटकर अब 25 से 30 प्रतिशत रह गया है। बघर, तोली, पोथिंग, बोराचक, झारकोट बोरबलड़ा दूर संचार सेवा से नहीं जुुड़ सके हैं। धूर, कर्मी में बीएसएनएल के टावर होने के बाद भी सिगनल नहीं आते।
उन्होंने दोबाड़ तोली और बदियाकोट में बैलून टावर लगवाने की मांग की। कहा कि कुंवारी गांव का आज तक न तो विस्थापन हुआ है और न ही शंभू नदी में बनी झील को ही खोला जा सका है। पीएमजीएसवाई के तहत कपकोट की सड़कों का डामरीकरण मानकों के अनुसार नहीं हो रहा है। रिखाड़ी-बाछम और सूपी सड़क इसके ताजे उदाहरण हैं। डीएम से दुर्गम क्षेत्र की समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान करने की मांग की है। वहां दीपक दीपक गस्याल, भूपेंद्र भूप्पी दानू, यशो कर्म्याल, गोकुल दानू, नरेंद्र बिष्ट, चंदन कोरंगा, सुंदर दानू आदि थे।