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नौनिहालों ने चीफ जस्टित को लिखी पाती, बताई व्यथा

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बागेश्वर। शिक्षकों की कमी से जूझ राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मलसूना के छात्र-छात्राओं ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर अपनी व्यथा बताई है। उन्होंने चीफ जस्टिस से विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती कर शिक्षा के अधिकार की बहाली की मांग की है। छात्र-छात्राओं की यह पाती दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की कलई खोल रही है।

जिले के दुर्गम क्षेत्र में पड़ने वाले राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मलसूना के 61 छात्र-छात्राओं की ओर से नैनीताल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि विद्यालय में शिक्षकों के सात पद स्वीकृत हैं। जिनमें से चार खाली हैं। विद्यालय में गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय में शिक्षक तक नहीं है। शिक्षकों की कमी से छात्रों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।
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पत्र में छात्र-छात्राओं ने कहा है कि हम गरीब और गांव के रहने वाले बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाने का हक है। लेकिन शिक्षक न होने से छात्रों के अधिकार से बहाल नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने चीफ जस्टिस से शिक्षा के अधिकार की रक्षा करने और विद्यालय में जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की गुहार लगाई है। पत्र भेजने वालों में छात्र पवन कुमार, धीरज कुमार, हिमांशु मेहरा, प्रकाश राम, हिमानी आर्या, संगीता आर्या, रजनी आर्या, पूनम आर्या, विमला मेहरा आदि शामिल हैं।
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