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छह जवानों ने भागीरथी टू पर फहराया तिरंगा

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टीम लीडर सुबोध चंदोला को स्मृतिचिह्न सौंपते एसएसबी ग्वालदम के कमांडेंट महेश कुमार। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। नगर निवासी एवरेस्ट विजेता सुबोध कुमार चंदोला के नेतृत्व में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ग्वालदम के पर्वतारोही दल ने भागीरथी टू के शिखर पर तिरंगा और एसएसबी ध्वज फहराया। दल प्रमुख सुबोध ने स्लाइड शो के माध्यम से अपने अभियान का यात्रा वृत्तांत प्रस्तुत किया।
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14 सदस्यीय दल 29 सितंबर को एसएसबी ग्वालदम से माउंट भागीरथी टू के आरोहण के लिए रवाना हुआ था, जिसे कार्यवाहक उपमहानिरीक्षक कमांडेंट महेश कुमार ने राष्ट्रीय ध्वज और बल का ध्वज प्रदान कर हरी झंडी दिखाकर विदा किया। दल में देश के विभिन्न प्रांतों की चार महिला और दस पुरुष सदस्य थे। तीन अक्तूबर को पर्वतारोहियों का दल गंगोत्री से ट्रेकिंग कर अपने अभियान के बेस कैंप नंदनवन पहुंचा। यहां से अग्रिम शिविरों की स्थापना करने के लिए चढ़ाई शुरू की। आधार शिविर से आगे तीन कैंप, एडवांस बेस कैंप, कैंप वन और टू स्थापित कर 14 अक्तूबर की रात 12 बजे माउंट भागीरथी की अंतिम चढ़ाई शुरू की। 15 अक्तूबर की सुबह 9:25 बजे शिखर पर पहुंचकर राष्ट्रीय और एसएसबी ध्वज फहराया। दल के दो महिला और चार पुरुष सदस्य शिखर तक पहुंचने में सफल रहे।
शिखर तक पहुंचने वालों में सुबोध चंदोला (लीडर), विनोद गिरी, नरेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, विनीता राय, मागरिका टोपो शामिल रहे। 21 अक्तूबर को दल ने आधार शिविर से वापसी शुरू की। 24 सितंबर को दल श्रीनगर पहुंचा। एसएसबी श्रीनगर में दल का स्वागत किया गया। 25 अक्तूबर को दल ग्वालदम पहुंचा। 26 अक्तूबर को दल के द्वारा शिखर में फहराये राष्ट्रीय ध्वज और बल के ध्वज को कार्यवाहक उपमहानिरीक्षक, कमांडेंट महेश कुमार को सौंपा।
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60 किलो कूड़ा लाया पर्वतारोही दल
बागेश्वर। दल के लीडर सुबोध चंदोला ने बताया कि कैंप टू के बाद चढ़ाई काफी मुश्किल थी। इसमें चट्टानों, बर्फ, हिमशिलाओं में रस्सियों को फिक्स किया गया। यह चुनौती से भरपूर और रोमांचक यात्रा थी। साथ ही पर्वतारोही दल करीब 60 किलो अजैविक कचरा भी लाया जो पूर्व में किए गए अभियानों और ट्रैकरों ने छोड़ा था। सुबोध ने बताया पर्वतारोहण के लिए शारीरिक दृढ़ता के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता की अधिक जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि आधार शिविर में ही पारा शून्य से आठ सेल्सियस नीचे चला जाता था।
दल में ये रहे शामिल
बागेश्वर। लीडर सुबोध कुमार चंदोला, विनोद नेगी, नरेंद्र सिंह, चंद्रशेखर फुलारा, प्रमोद सिंह, विनोदनी देवी, बबीता बसई, विनीता राय, मागरिता टोपा, टीम डाक्टर अतुल, सत्यप्रकाश सती, संजीव कुमार, रंजीत सिंह, फकरे आलम शामिल हैं।
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