बागेश्वर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए 56 प्रोत्साहन नीति तैयार की है। इसके तहत पहाड़ी क्षेत्रों और नगरी क्षेत्र में सेवा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं पर सेवा देने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य एनएचएम के तहत संचालित जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
प्रोत्साहन नीति के तहत जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान, नवजात और बाल स्वास्थ्य, पूर्ण टीकाकरण, परिवार नियोजन, किशोर स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, डेंगू, हेपेटाइटिस और गैर-संचारी रोगों से संबंधित गतिविधियों पर निर्धारित मानकों के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नियमित सामुदायिक गतिविधियों, आशा हेल्प डेस्क, पीएलए और वीएचएसएनसी बैठकों, आशा फैसिलिटेटर मोबिलिटी और आशा सर्टिफिकेशन जैसी गतिविधियों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रोत्साहन नीति का प्रावधान किया गया है। आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। 56 प्रोत्साहन आधारित गतिविधियों की स्वीकृति से आशा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और एनएचएम कार्यक्रमों का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा।
डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर