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पहले दिन सरकारी स्कूलों में 53 और निजी स्कूलों में 30 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे

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बागेश्वर के जीजीआईसी में पढ़ाई करतीं छात्राएं। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। सात महीने के बाद सोमवार को 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खुले। पहले दिन सरकारी स्कूलों में 53 फीसदी और निजी स्कूलों में 30 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे।
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बागेश्वर के सरकारी और निजी स्कूल कोरोना महामारी के बीच पूरी तैयारियों के साथ खोले गए। शासन के निर्देश पर छात्र-छात्राओं को स्कूल में प्रवेश देने से पहले अभिभावकों के सहमति और घोषणा पत्र देखे गए।
सीईओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पहले दिन सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत 10वीं के 3090 छात्र-छात्राओं में से 1637 और 12वीं के 2859 में से 1515 विद्यार्थी उपस्थित रहे। 12 स्कूल ऐसे थे, जिनमें छात्रसंख्या 10 से कम रही। निजी स्कूलों में अध्ययनरत 10वीं के 1065 छात्र-छात्राओं में से 319 और 12वीं के 869 में से 261 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कोविड से बचाव को लेकर स्कूल में छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और कक्षाओं में छह-छह फुट की दूरी पर बिठाया गया।
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सीईओ ने गरुड़ ब्लॉक के स्कूलों की व्यवस्थाएं जांचीं
बागेश्वर। मुख्य शिक्षाधिकारी पदमेंद्र सकलानी ने गरुड़ के जीआईसी गरुड़, हाईस्कूल गलई कंधार, जीआईसी सिरकोट समेत अन्य स्कूलों में स्कूलों में निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची। उन्होंने कहा कि स्कूलों ने कोरोना से बचाव को लेकर पूरी तैयारियां की है। स्कूलों में थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर, हैंड वॉश और फर्स्ट एड किट रखे गए हैं। प्रधानाचार्यों को स्कूल में सैनिटाइजेशन के बाद प्राथमिकता के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सहमति पत्र में ली जा रही स्वास्थ्य की जानकारी
बागेश्वर। शिक्षा विभाग की ओर से बनाए गए सहमति पत्र के फॉरमेट में अभिभावकों से बच्चे के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी ली जा रही है। कफ, बुखार, सांस लेने में दिक्कत, मधुमेह, लीवर और हृदय संबंधित बीमारी की जानकारी ली जा रही है। इसके अलावा कोविड-19 के लिए सरकार की ओर से प्रतिबंधित क्षेत्र की यात्रा वृत्तांत मांगा जा रहा है। साथ ही परिवार में यदि कोई व्यक्ति कोविड संक्रमित है तो उसकी भी जानकारी सहमति पत्र में मांगी जा रही है। अभिभावकों से सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए बच्चे को स्कूल भेजने की सहमति मांगी जा रही है।
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