बागेश्वर। पहाड़ की लाइफ लाइन कहे जाने वाली 108 सेवा मुश्किल दौर से गुजर रही है। कभी तेल की कमी से वाहन ठप हैं तो कभी तकनीकी खराबी के चलते मरीजों को 108 सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है। नई कंपनी पुराने कर्मचारियों को समायोजित नहीं कर रही है जिस कारण कर्मचारी नौकरी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं।
प्रदेश के लगभग 800 कर्मचारी 108 व खुशियों की सवारी सेवा में कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि 108 सेवा अब नई कंपनी के हाथों संचालित होगी। ऐसे में पुराने कर्मचारियों की छटनी होना तय माना जा रहा है। इधर भविष्य को लेकर सशंकित कर्मचारियों ने बताया कि नई कंपनी पुराने कर्मचारियों को दोबारा लेने में दिलचस्पी नहीं ले रही है। कर्मचारी ने बताया कि पुराने कर्मचारियों को नए सिरे से नियुक्ति की देने का प्रस्ताव है। जिससे कर्मचारियों की वरिष्ठता खत्म की जा रही है। कर्मचारियों ने बताया कि नई कंपनी नियुक्ति नहीं देती है तो कर्मचारियों को मजबूरी में इस्तीफा देना होगा।
यह है 108 का ढांचा
- कुल 108 एंबुलेंस- 139
- खुशियों की सवारी- 95
- कार्यरत कर्मचारी- 800
= जिले का 108 का ढांचा
- 108 एंबुलेंस- 05
- खुशियों की सवारी- 03
- कार्यरत कर्मचारी- 27
= कोट
108 सेवा को नई कंपनी संचालित करने की सूचना है। वह कितने कर्मचारियों को रखती है या नहीं यह कंपनी का निजी अधिकार है। इसमें स्वास्थ्य विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं है। भविष्य के लिए सशंकित कर्मचारी नई कंपनी से ही संपर्क करें। - डॉ. जेसी मंडल, सीएमओ बागेश्वर