बागेश्वर। शासन ने पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे बागेश्वर जिला जिला अस्पताल में तैनात चार डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया है। बिना प्रतिस्थानी के इनका तबादला किए जाने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को झटका लगा है। फिलहाल विभाग ने प्रतिस्थानी के बगैर इन्हें रिलीव करने से इंकार कर दिया है।
शासन ने जिला अस्पताल सीएमएस के डॉ. बसंत का रुद्रपुर जिला अस्पताल, ईएनटी सर्जन डॉ. दलीप वार्ष्णेय का बेस अस्पताल हल्द्वानी, डॉ. मनीष पंत का अल्मोड़ा महिला अस्पताल और सर्जन डॉ. पीपी सिंह का हरिद्वार जिला अस्पताल के लिए तबादला किया है। सचिव स्वास्थ्य नितेश झा की ओर से 24 सितंबर को चारों चिकित्सकों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। लेकिन इनके प्रतिस्थानी के तौर पर कोई नहीं भेजा है।
शासन के इस कदम से बागेश्वर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को झटका लगा है। जिले में पहले से ही स्वीकृत 97 पदों में से 52 खाली हैं। चार और चिकित्सक कम होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ना तय है। सीएमओ डॉ. जेसी मंडल का कहना है कि फिलहाल रिलीव नहीं किया जा रहा है।
तबादले के आदेश में गड़बड़ी
बागेश्वर। सीएमएस के तबादला आदेश में गड़बड़ी सामने आई है। जारी आदेश में उन्हें चिकित्साधिकारी दर्शाया है। जबकि वह जिला अस्पताल में चिकित्साधीक्षक हैं। हालांकि इसे लिपिकीय त्रुटि माना जा रहा है। ब्यूरो
अवकाश पर चल रहे सर्जन का तबादला
बागेश्वर। शासन ने लंबे समय से अवकाश पर चल रहे सर्जन डॉ.पीपी सिंह का भी तबादला किया है। डॉ. पीपी सिंह फाइलों में ही जिला अस्पताल में नियुक्त हैं। शुरू से लेकर अब तक लोगों को उनकी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। वह बागेश्वर में तैनात होने के बाद से ही अवकाश पर चल रहे हैं। ब्यूरो
चिकित्सकों के तबादले पर भड़की यूथ कांग्रेस
बागेश्वर। जिला अस्पताल के सीएमएस, जनरल सर्जन, ईएनटी सर्जन समेत चार चिकित्सकों के तबादले पर यूथ कांग्रेसी भड़क उठे हैं। उन्होंने तबादला आदेश निरस्त करने की मांग की है। बुधवार को चिकित्सकों के तबादले का पता चलते पर यूथ कांग्रेसी भड़क उठे। उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा और तबादले निरस्त करवाने की मांग की। जिलाध्यक्ष दर्शन कठायत ने कहा कि बिना प्रतिस्थानी चिकित्सकों का तबादला हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। ब्यूरो