बागेश्वर/धरमघर। लगातार हुई बारिश से धरमघर-चुचेर-माजखेत सड़क का करीब 50 मीटर हिस्सा बह गया है। जमीन पर लंबी दरार आ गई है। बारिश से जिले में पांच मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। बृहस्पतिवार को मलबा आने से बागेश्वर जिले की आठ सड़कें बंद रहीं। सड़क बंद होने से करीब 30 हजार की आबादी प्रभावित रही।
धरमघर-माजखेत सड़क दरक गई है। सड़क के साथ ही उससे लगा बड़ा हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आया है। जमीन में लंबी दरार आने से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। सड़क पर वाहन संचालन लायक जगह नहीं बची है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गरुड़ तहसील के कौसानी गांव में नैन राम पुत्र मोती राम, इसी गांव में जोगा राम पुत्र रतन राम, बिमौला निवासी तुलसी देवी पत्नी भूपाल राम और गलई निवासी मालती देवी पत्नी गिरीश राम का आवासीय भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। कपकोट तहसील के चचई गांव में गोपाल राम पुत्र पनी राम का आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। प्रभावितों को आर्थिक मदद देेने के लिए राजस्व विभाग रिपोर्ट तैयार कर रहा है। बृहस्पतिवार को जिले में भयूं-गुलेर, कमेड़ीदेवी-भैंसूड़ी, कंधार-लोहागड़ी, कपकोट-कर्मी, बघर, रिखाड़ी-वाछम, बदियाकोट सड़क भारी मलबा आने से बंद हो गई है। सड़कों को खोलने का काम किया जा रहा है।
पुलिस ने खोली कौसानी-बैजनाथ सड़क
कौसानी। बृहस्पतिवार सुबह बारिश के दौरान कौसानी-गरुड़-बैजनाथ सड़क पर मलबा और पेड़ गिर गए। यातायात बंद होने की सूचना पर एसआई प्रहलाद सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस जवानों ने पेड़ काटकर और बोल्डर व मलबा हटाकर करीब दो घंटे बाद मार्ग पर यातायात सुचारु करवाया।
किसमिला में कई मकान खतरे की जद में आए
बागेश्वर। कपकोट के किसमिला क्षेत्र में सड़क कटान के कारण कई मकानों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने किसमिला, कनौली, पलनाधूरा, मुसियासेंण, खेती, छीड़िया क्षेत्र के दौरे से लौटने के बाद बताया कि आपदा से क्षेत्र के कई मकानों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। किसमिला में सड़क कटान की वजह से मकान खतरे में हैं। बताया कि इन इलाकों के लोगों को प्रशासन और सरकार की ओर से किसी तरह की मदद नहीं मिली है।