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सुरक्षित भवनों में शिफ्ट होंगे खस्ताहाल 45 स्कूल

Tue, 07 Jun 2016 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
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स्कूल - फोटो : अमर उजाला
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 जिले के 68 प्राथमिक और इंटर कॉलेजों के भवन खस्ता हालत में हैं। इन स्कूल भवनों के सुधार में देरी के कारण करीब चार हजार बच्चे असुरक्षित छतों के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में ऐसे स्कूलों में खतरा बढ़ जाता है। किसी हादसे की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खस्ताहाल स्कूलों का संचालन सुरक्षित स्थानों पर बने पंचायत घरों और अन्य सरकारी भवनों सहित निजी भवनों में शिफ्ट करने के निर्देश दे दिए हैं। 
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जिले में प्राथमिक से लेकर इंटर तक कुल 801 सरकारी स्कूल हैं। इनमें 594 प्राथमिक, 118 जूनियर हाईस्कूल, 33 हाईस्कूल और 56 इंटर कॉलेज हैं। लेकिन, इन सभी स्कूल भवनों की हालत ठीक नहीं है। जिले के 45 प्राथमिक और जूनियर और करीब 23 हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के भवन जर्जर हालत में हैं। अधिकांश स्कूलों की छतों से बरसात में पानी कक्षा कक्षों में आता है। कुछ भवनों की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं तो कहीं पर खिड़की-दरवाजे सड़ गल चुके हैं। इन जर्जर हाल स्कूलों के अलावा 95 ऐसे स्कूल भवन भी हैं, जिनमें हल्की दरारें हैं।
वर्षों से भवनों की मरम्मत नहीं होने से इनमें करीब चार हजार से अधिक छात्र-छात्राएं असुरक्षित छतों के नीचे पठन-पाठन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में जर्जर हाल हो चुके इन स्कूलों का संचालन कठिन हो जाता है। हालात यहां तक हो जाते हैं कि कई बार प्राथमिक स्कूलों की सभी कक्षाओं का संचालन एक ही कक्ष में करना पड़ता है। बागेश्वर के मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्या ने बताया कि जीर्णशीर्ण हाल हो चुके स्कूल भवनों के सुधार का प्रस्ताव शासन-प्रशासन को भेजा गया है। डीईओ बेसिक आकाश सारस्वत ने बताया कि जिले के 45 प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर हैं। इनमें से कुछ स्कूलों में सुधार कार्य चल रहा है। मानसून के दौरान सुरक्षा को देखते हुए पंचायत भवन, निजी भवन या अन्य सुरक्षित भवनों में स्कूल शिफ्ट करने के निर्देश उप शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। 
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