डीएम रंजना ने कहा कि शासन ने जिला योजना वर्ष 2017-18 के लिए जिले का 4186.91 लाख रुपये का परिव्यय निर्धारित किया है। डीएम ने इस बार पर जोर दिया कि बैठकों में सक्षम अधिकारी ही प्रतिभाग करें। विशेष परिस्थिति में ही प्रतिनिधि विभागीय योजनाओं की पूरी जानकारी के साथ ही बैठक में शामिल होंगे। डीएम शनिवार को जिला योजना के बजट प्रस्तावों की समीक्षा बैठक को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रही थीं।
शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि इस बार गत वर्ष से कुछ कम बजट के बावजूद प्राथमिकता वाली योजनाओं का बजट बढ़ाने की कोशिश की गई है। निर्माणाधीन योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारी निर्माणाधीन योजनाओं के लिए बजट प्रस्तावित करें और योजनाओं को क्षेत्र पंचायत से प्रस्तावित कर शीघ्र जिला पंचायत से स्वीकृत कराना सुनिश्चित करें, ताकि डीपीसी की बैठक में प्रस्तावित योजनाओं को अनुमोदित किया जा सके।
डीएम ने रेखीय विभागों को कलस्टर तैयार कर योजनाओं को प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि जिले में पर्यटन सर्किट को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन क्षेत्रों को चिन्हित कर कार्ययोजना तैयार करें।
उद्यान, कृषि, मत्स्य, रेशम आदि विभागों को बंजर भूमि विकास के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में भूमि सुधार कार्यों को मनरेगा से जोड़कर कार्ययोजना तैयार करने, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दुग्ध विकास विभाग को समूह गठित कर दुग्ध उत्पादक क्षेत्रों को चिन्हित कर लोगों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
साथ ही डीपीआरओ को पंचायत भवनों के निर्माण और मरम्मत कार्य के लिए बजट प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई अभियान को गति देने पर बल दिया। बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी देवेंद्र गोस्वामी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।