सरकार ने हर गांव तक आधुनिक संचार सेवाएं पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी है। भारत संचार निगम की नोफा परियोजना के तहत जिले में सभी 416 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट सेवाओं से जोड़ा जाएगा। बागेश्वर ब्लाक से इसकी शुरुआत हो चुकी है। इसके साथ ही पूरे जिले में 14 मोबाइल टावर भी लगाए जा रहे हैं।
पर्वतीय क्षेत्र के गांवों में अधिकतर लोगों को सिर्फ बीएसएनएल की संचार सुविधा ही मिल पाती है। इसके लिए निगम ने तीन साल पहले संचार सेवाओं के विस्तार की योजना बनाई थी। हर गांव तक पहुंच बनाने के लिए निगम ने नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (नोफा) परियोजना बनाई।
जिसमें देश के अन्य जिलों के साथ ही बागेश्वर जिले को भी शामिल किया गया है। बागेश्वर जिले में 416 गांवों को इंटरनेट सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य है। इसका खाका तैयार करने के लिए गांवों की सर्वे में तीन माह का समय लगा। इस परियोजना के माध्यम से सभी गांवों को केबिल लाइनों से जोड़ा जाना है।
बागेश्वर जिले में तीन ब्लाकों में अलग-अलग चरणों में फाइबर केबल बिछाने का काम चलेगा। बीएसएनएल के जेटीओ फराज खान ने बताया कि इसके लिए बागेश्वर ब्लाक को 12 क्लस्टर में बांटा गया है। तीन क्लस्टर के अंतर्गत कांडा, सानी उडियार, धपोला सेरा, मंतोली आदि इलाकों में केबल बिछाई जा रही हैं।
इसके बाद अन्य नौ क्लस्टर में काम होगा। बागेश्वर के बाद कपकोट, गरुड़ ब्लाक में भी यह काम होगा। नोफा के तहत जिले की हर ग्राम पंचायत में ब्राडबैंड, इंटरनेट के कनेक्शन दिए जाएंगे। नगरों से लगे कुछ गांवों में यह सेवाएं पहले से सुलभ हैं। अब 398 गांवों में यह काम होगा।