बागेश्वर। जोश, जुनून व मेहनत के बल पर बागेश्वर जिले के तीन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाबी पाई है। इन खिलाड़ियों ने बुलंदी को छूने केे साथ-साथ कई मेडल भी हासिल किए। इनमें से बघर निवासी रोहित दानू तो 20 सितंबर से मलेशिया में होने वाली एशियन फुटबाल चैंपियनशिप में अपना दमखम दिखाएंगे।
मूल रूप से कपकोट के बघर निवासी रोहित दानू को बचपन से ही फुटबाल का शौक था। उसके पिता प्रताप सिंह दानू तथा माता गंगा दानू ने रोहित की खेल में मदद की। सूरजकुंड में कमरा लेकर बच्चे को फुटबाल की कोचिंग दी। कोच नीरज पांडेय ने रोहित की प्रतिभा को पहचाना तथा उसे तराशने का कार्य किया। रोहित वर्तमान में अंडर 16 भारतीय फुटबाल टीम के खिलाड़ी हैं। वर्तमान में टर्की में एशियन चैंपियनशिप प्रतियोगिता की तैयारी में व्यस्त है। एशियन चैंपियनशिप प्रतियोगिता 20 सितंबर से मलेशिया में आयोजित की जाएगी।
उडलगांव निवासी गजेंद्र परिहार ने सैफ व एशियन ताइक्वांडो गेम्स में पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा दिखाई। उडलगांव निवासी दरबान सिंह परिहार के पुत्र गजेंद्र ने वर्ष 1999 से ताइक्वांडो प्रतियोगिता में खेलना शुरू किया। वर्ष 2013 में 58 किलो भार वर्ग में मैक्सिको में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। 2016 में शिलांग में आयोजित साउथ एशियन गेम्स में रजत पदक, अगले ही साल 2017 में कनाडा में आयोजित कामनवेल्थ गेम में कांस्य पदक जीता। 2017 में काठमांडू में आयोजित माउंट एवरेस्ट इंडो नेपाल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया।
मंडलसेरा निवासी गुंजन बाला ने ताइक्वांडो प्रतियोगिता से सफर की शुरूआत करते हुए उप जिला खेल अधिकारी के पद तक का सफर तय किया है। हाल ही में गुंजन का खेल अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। मंडलसेरा निवासी पार्वती देवी व चंदन राम दास की पुत्री गुंजन ने जूनियर नेशनल ताइक्वांडो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया है। सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया है। वर्ष 2010 में कामनवेल्थ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। 2010-11 में एनआइएस की कोचिंग ली है। कोच कमलेश तिवारी के निर्देशन में गुंजन ने कई सफलताएं हासिल की।