सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने के लिए घोषित किए गए आदर्श विद्यालय भी बदहाल हैं। जिले के छह आदर्श इंटर कॉलेजों में एलटी शिक्षकों और प्रवक्ताओं के 38 पद रिक्त चल रहे हैं। इनमें कर्मी इंटर कॉलेज सबसे अधिक बदहाल है। ऐसे में इन आदर्श स्कूलों में कैसी शिक्षा व्यवस्था चल रही होगी, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज बागेश्वर में एलटी शिक्षकों के सभी पद भरे हैं, जबकि प्रवक्ताओं के 10 स्वीकृत पदों में से हिंदी, अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान और अर्थशास्त्र के चार पद रिक्त चल रहे हैं। आदर्श जीआईसी कांडा में एलटी में एक पद जबकि प्रवक्ताओं के चार पद रिक्त हैं। इसी तरह आदर्श जीआईसी गरुड़ में एलटी शिक्षकों के 12 में से तीन पद रिक्त जबकि प्रवक्ताओं के तीन पद रिक्त चल रहे हैं। आदर्श जीआईसी कौसानी में एलटी शिक्षक का एक जबकि प्रवक्ता के पांच पद रिक्त पड़े हैं। आदर्श जीआईसी कपकोट में एलटी के सभी पदों में शिक्षक तैनात हैं, लेकिन प्रवक्ताओं के पांच पद रिक्त हैं। दुर्गम में स्थित आदर्श इंटर कॉलेज कर्मी सबसे अधिक बदहाल है। इस इंटर कॉलेज में स्वीकृत नौ पदों में से एलटी शिक्षकों के तीन पद रिक्त हैं, जबकि प्रवक्ता के नौ पद रिक्त हैं। एकमात्र प्रवक्ता के सहारे इंटर की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। शिक्षकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है।
कोट
जिले के आदर्श विद्यालयों में रिक्त चल रहे पदों में शिक्षकों की तैनाती के लिए शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। इसके अलावा विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की तैनाती भी की जाएगी। महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति हो इसके प्रयास हो रहे हैं।
- रंजना, जिलाधिकारी, बागेश्वर।
कोट
सभी आदर्श विद्यालयों में शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं। विभागीय पदोन्नति जारी होने के बाद कुछ पदों को भरा जाएगा। अतिथि शिक्षकों की भी तैनाती होनी है। उम्मीद है कि एक सप्ताह के यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आदर्श स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुधरे यह कोशिश की जा रही है।
- हरीश चंद्र सिंह रावत, सीईओ, बागेश्वर।