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मजगांव के ग्रामीण रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाएंगे

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बागेश्वर। दो साल पहले मंजूर रंगथरा-मजगांव-चौनाला सड़क का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। सड़क नहीं बनने से जहां ग्रामीणों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गांव के उत्पाद भी बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। परेशान ग्रामीण निर्माण के लिए कई बार आंदोलन भी कर चुुके हैं लेकिन किसी के भी कानों जूं तक नहीं रेंग सकी है। गुस्साए ग्रामीणों ने अब सड़क का निर्माण जल्द न होने पर रोड नहीं होने पर वोट नहीं लगाने की चेतावनी दी है।

मजगांव के ग्रामीणों ने बताया कि दो किमी लंबी रंगथरा-मजगांव-चौनाला सड़क वर्ष 2015 में मंजूर हो गई थी। शासन ने निर्माण के लिए 28 लाख रुपये भी मंजूर किए थे। लोनिवि के कपकोट डिवीजन ने वर्ष 2016-17 में निविदा भी आमंत्रित कर दी थी। ठेेेकेदार का 42 प्रतिशत कम पर ठेका हो गया। सड़क निर्माण में वाधक वन अधिनियम भी हट चुका है। वन विभाग ने पेड़ों का भी छपान कर दिया है। निर्माण के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष ऐठानी और पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने भूमि पूजन भी किया था। इतना सब होने के बावजूद निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, वित्त मंत्री प्रकाश पंत और केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा के निर्देशों का भी कुछ भी असर नहीं पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यातायात की सुविधा न मिलने से जहां उन्हें पैदल चलने में हो रही परेशानियों से निजात नहीं मिल पा रही है। वहीं गांवों में उत्पादित शाकभाजी और अन्य उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। लोनिवि से निर्माण की मांग कई बार कर दी है। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने निर्माण जल्द शुरू न होने पर लोकसभा चुनाव में रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद कर दिया जाएगा। चेतावनी देने वालों में ग्राम प्रधान भागुली देवी मजगांव, उदे सिंह भौर्याल चौनाला, पूर्व प्रधानों में साबुली देवी, भवानी देेवी, रतन सिंह रावत, हीरा सिंह, भूपाल सिंह राठौर, पूर्व बीडीसी सदस्य इंजी. टीएस रावत, अर्जुन भट्ट, पूर्व जिपं उपाध्यक्ष सुंदर सिंह मेहरा आदि शामिल हैं।
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कोट.....
-वन विभाग ने रंगथरा-मजगांव-चौनाला सड़क के निर्माण में प्रभावित पेड़ों की गिनती पूरी कर ली है। वन निगम को पेड़ों का कटान करना है। कटान होने के बाद सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा।
एसके पांडे, अधिशासी अभियंता लोनिवि खंड कपकोट।
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