बागेश्वर। उत्तराखंड स्थानांतरण एक्ट 2017 में अंतरमंडलीय शिक्षकों के लिए स्थानांतरण की व्यवस्था नहीं होने से शिक्षकों का अपने मंडलों में स्थानांतरण नहीं हो पा रहा है। इससे खिन्न शिक्षकों ने रविवार को नारेबाजी की। शिक्षकों ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने को लेकर आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है।
राजकीय शिक्षक संघ की ओर से आयोजित बैठक में राजकीय शिक्षकों ने कहा कि एक राज्य होने के बावजूद शिक्षक अपने मंडल में स्थानांतरित नहीं हो सकते हैं। जबकि पूर्व में नियमावली के तहत यह व्यवस्था लागू थी। कहा कि अंर्तमंडलीय स्थानांतरण व्यवस्था लागू नहीं होने दूसरे मंडलों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को तमाम असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि मंडल स्थानांतरण को एक्ट में शामिल करने की मांग को लेकर 15 मई को डीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा। 20 मई से जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बावजूद यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जिला मुख्यालयों में आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। संचालन ललित रौथाण ने किया। वहां पर राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश मिश्रा, मंत्री गोपाल मेहता, पूर्व मंत्री विजय गोस्वामी, ब्लॉक मंत्री मोहन साह, जसदेव सिंह, खेमराज सेमवाल, भरत नेगी, पूनम रावत, मनोरमा, जितेंद्र सिंह, बद्रीप्रसाद सेमवाल, सरस्वती, मातवर चौहान, शार्दुल मेहरा, अखिलेश असवाल, देवेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।