शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की जिला स्तरीय कार्यशाला में शिकायतों के त्वरित निवारण पर जोर दिया गया। प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए निर्धारित सीटें नियमानुसार आवंटित करने, सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को जुटाने के निर्देश दिए गए।
यहां डायट के सभागार में कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश सिंह ऐठानी और विधायक चंदन राम दास ने स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से शिक्षा के बच्चों के शैक्षिक अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया।
जिला जज डॉ. जीके शर्मा ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम की भावना बताई। वक्ताओं ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों को उनके क्षेत्र में गरीब बच्चे प्रवेश के लिए नहीं मिलते तो निर्धारित 25 प्रतिशत सीटों पर आसपास के अन्य बच्चों को प्रवेश देेने की व्यवस्था करें।
वक्ताओं ने स्कूलों में पेयजल, शौचालय, बिजली आदि का इंतजाम करनेे को भी कहा। कार्यशाला में सीईओ आरसी आर्य, डीईओ बेसिक आकाश सारस्वत, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षक दीवान सिंह दानू, बहादुर सिंह नेगी, एडवोकेट गोविंद सिंह भंडारी, डॉ. जितेंद्र तिवारी आदि ने विचार रखे।
बैठक में एडीएम एसएस जंगपांगी, नगर पालिका अध्यक्ष गीता रावल, ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल, जानकी मेहता, गोपाल राम, हेम चंद्र पांडे, जितेंद्र मेहता, रमेश आगरी, पूरन चंद्र भट्ट, रमेश सिंह, राजेंद्र उपाध्याय, लक्ष्मी टाकुली सहित प्रबंधक, प्रधानाचार्य, शिक्षक थे।