गरुड़/बागेश्वर। जिला आपदा कंट्रोल रूम के मुताबिक बृहस्पतिवार हुई भारी बारिश के बीच तहसील गरुड़ के कुलाऊं गांव में प्रताप सिंह का दो मंजिला पत्थरछाया मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मकान की छत और दीवार को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित परिजन खौफ से साये के बीच क्षतिग्रस्त मकान के दूसरे हिस्से में रहने को मजबूर हैं।
पथरिया गांव निवासी कुंती देवी का दोमंजिला मकान बुधवार रात तेज बारिश से ध्वस्त हो गया। इससे उन्हें हजारों की संपत्ति का नुकसान पहुंचा है। एसडीएम गरुड़ सुंदर सिंह ने बताया कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने राजस्व पुलिस से जीर्ण मकानों में वास करने वालों की शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है।
इधर, कपकोट तहसील के असों गांव में प्रवीन सिंह का तीन मंजिला तीन कमरों का पत्थरछाया मकान ढह गया। दुर्घटना के वक्त घर पर मौजूूद परिजनों ने कूद मारकर जान बचाई। मकान ढहने के साथ ही राशन, बर्तन, कपड़े समेत सभी घरेलू सामग्री मलबे में दफन हो गई जिससे पूरा परिवार ही बेघर हो गया।
ऐठाण वार्ड के जाजर में बिशन राम के आवासीय भवन का आंगन ढह गया। मकान भी खतरे की जद में आ गया है। राजस्व कर्मियों ने दुर्घटनास्थलों का दौरा किया और नुकसान का जायजा लिया। प्रभावित परिवार ने गांव में संबंधियों के घर शरण ली है जबकि बागेश्वर तहसील के बिलौनासेरा गांव में जगदीश सिंह का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।
सड़क पर मलबा और पेड़ गिरने से थमी जिंदगी की रफ्तार
शुक्रवार को कपकोट-पिंडारी मोटर मार्ग के साथ ही भयू-गडेरा और भानी हरसिंग्याबगड़ मोटर मार्ग भी भारी मलबा आने से बंद हो गए। इससे वाहन जहां-तहां फंसे रहे। पिंडारी मार्ग पर यातायात डायवर्ट रहा। जबकि अन्य दो मार्ग पूूरी तरह से बंद रहे। आवाजाही ठप होने से ग्रामीणों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ा।
दूसरी ओर चार सड़कों पर मलबा आने और पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। पिंडारी रोड में गोलना के पास सड़क पर पेड़ गिरने से दो घंटा यातायात ठप रहा। दोनों ओर वाहनों की कतार रही। लोग वाहनों में फंसे रहे। कपकोट-तेजम मार्ग पर भी पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। इसके अलावा रिखाड़ी-बाछम, चीराबगड़-पोथिंग, बेड़ापोखर-ओखलधार मोटर मार्ग पर मलबा आने से यातायात बाधित रहा। कार्यदायी संस्थाओं ने जेसीबी से मलबा हटाकर आवाजाही सुचारु की।
जिले में बारिश
बागेश्वर- 15 एमएम
कपकोट- 67.50 एमएम
गरुड़- 37.50 एमएम
नदियों का जलस्तर
सरयू- 867.40 मीटर
गोमती- 864.05 मीटर