कपकोट (बागेश्वर)। डाक्टरों के अनुसार फूड प्वाइजनिंग से प्रभावित गडेरा गांव की स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। सोमवार को गांव से कोई भी पीड़ित सीएचसी कपकोट में नहीं पहुंचा। डाक्टरों के अनुसार बास्ती गांव के 14 साल की एक बालिका के स्वास्थ्य में फिर से गड़बड़ी आने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे सोमवार सुबह जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है।
सीएचसी कपकोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस रावत के अनुसार फूड प्वाइजनिंग प्रभावित गडेेरा गांव में स्थिति अब सामान्य हो गई है। ग्राम प्रधान और अन्य लोगों से कहा गया है कि यदि गांव में फूड प्वाइजनिंग का फिर से कोई प्रभाव हो तो इसकी तत्काल सूचना दी जाए ताकि वहां टीम भेजी जा सके। बताया कि बेड़ीनाग अस्पताल में भर्ती बास्ती गांव की नेहा को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। सोमवार को सुबह फिर से उसकी तबियत बिगड़ने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। बताया कि गांव में आज डॉ. केपी वर्मा और फार्मासिस्ट रमेश गोस्वामी ड्यूटी पर हैं। टीम के पास पर्याप्त मात्रा में दवाइयां हैं।
भौर्याल ने बास्ती और सनगाड़ का जाकर लोगों का जाना हाल
बागेश्वर। विधायक बलवंत भौर्याल ने फूड प्वाइजनिंग प्रभावित बास्ती और सनगाड़ गांव का भ्रमण किया। उन्होंने प्रभावितों के परिजनों से मुलाकात की। बताया कि बेड़ीनाग और कांडा में भरती 60 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल और बेस अस्पताल अल्मोड़ा शिफ्ट करा दिया है। जिन लोगों की तबियत कुछ ज्यादा खराब थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए एसटीएच हल्द्वानी में भरती कराया गया है। भौर्याल बास्ती गांव के मोहन सिंह महर के घर भी गए। दीगर हो कि उन्हीं के यहां गत बृहस्पतिवार को गडेरा गांव से बारात हुई थी। उन्होंने ग्रामीणों से जानकारी हासिल की। प्रभावितों को बेहतर उपचार मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने कहा मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देगी। उन्होंने ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। ब्यूरो