बागेश्वर। बस स्टेशन से नदीगांव को पुल बनाने का मामला अधर में लटका हुआ है। बीते कई सालों से नदीगांव के लोग स्टेशन से पुल बनाने की मांग कर रहे हैं।
जिला बनने के बाद नदीगांव सेरे की तरफ तेजी से आबादी बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ। सेरे में आबादी बढ़ने के कारण वहां पर रास्ते, सड़क, जल भराव आदि की समस्याएं भी तेजी से बढ़ती गई। रास्तों की समस्या से निजात दिलाने के लिए लोगों ने बस स्टेशन से लेकर नदीगांव की तरफ पुल बनाने तथा पुल को अमसरकोट मोटर मार्ग में मिलाने की मांग की थी। पुल निर्माण के लिए लोनिवि सर्वे भी कर चुका है, लेकिन अभी तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है। पुल निर्माण की मांग को लेकर कई बार नदीगांव की जनता आंदोलन भी कर चुकी है।
ग्रामीणों ने बताया कि पुल व सड़क निर्माण के बाद नदीगांव में रास्तों की समस्या का निदान हो सकता था। ग्रामीण अशोक लोहनी, रमेश चंद्र, नरेश चंद्र, मोहन सिंह आदि ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से बस स्टेशन से नदीगांव की तरफ पुल निर्माण की मांग की है। लोनिवि बागेश्वर खंड के अवर अभियंता जीएस बोहरा ने बताया कि गोमती नदी में नदीगांव की तरफ पुल बनाने का मामला लंबित है। वित्त आने पर ही निर्माण किया जाएगा।
गोमती नदी में पुल निर्माण की मांग हुई मुखर
गरुड़ (बागेश्वर)। ब्लॉक मुख्यालय और गढ़सेर के ग्रामीणों ने ब्लॉक मुख्यालय को तहसील कार्यालय परिसर से जोड़ने के लिए गोमती नदी में मोटर पुल का निर्माण करने की मांग की है।
गढ़सेर, ब्लॉक मुख्यालय, भकुनखोला, मटेना, सिल्ली, नौघर, टीट बाजार, बिमोला, पचना, फल्याटी, अणां आदि गांवों के ग्रामीणों ने ब्लॉक मुख्यालय को तहसील मुख्यालय से जोड़ने के लिए पुरुड़ा के पास गोमती नदी में मोटर पुल बनाने की मांग की है। गढ़सेर के प्रधान नवीन ममगई ने बताया कि ब्लॉक मुख्यालय से तहसील मुख्यालय की दूरी दो किमी है। पुरुड़ा के पास गोमती नदी में पुल बन जाय तो लोगों ब्लाक कार्यालय से तहसील कार्यालय पहुंचने केे लिए यह दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण ने क्षेत्रीय विधायक से पुरुड़ा के पास गोमती नदी में पुल निर्माण की पहल शुरू करने की मांग की है। ब्यूरो