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एक्सरे और अल्ट्रासाउंड को 15 से 60 किमी की दौड़

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कपकोट (बागेश्वर)। सीएचसी कपकोट से पीपीपी मोड हटने के बाद व्यवस्थाएं और बदतर हो गई हैं। अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहले से ताला था अब संविदा ऑपरेटर के अभाव में एक्सरे कक्ष में भी ताला लग गया है। मरीजों को एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 15 से 60 किमी दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से ऑपरेटर की शीघ्र तैनाती करने की मांग की है। मांग जल्द पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
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जिला चिकित्सा प्रबंधन समिति ने सीएचसी कपकोट में एक्सरे मशीन को चलाने के लिए संविदा पर एक ऑपरेटर की तैनाती की थी। पिछले सप्ताह द्वाराहाट के अस्पताल में स्थायी तैनाती के बाद से पद खाली है। इससे क्षेत्रवासियों को अब एक्सरे का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। रेडियोलॉजिस्ट और ऑपरेटर की कमी से अल्ट्रासाउंड का काम पहले से ही ठप पड़ा है। सप्ताह में महज एक दिन अल्ट्रासाउंड होता है। इन हालातों में तमाम मरीजों को 15 से 60 किमी दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है।

आंदोलन की चेतावनी देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष तारा कपकोटी, सचिव हेम कपकोटी, कोषाध्यक्ष नवीन उपाध्याय, ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, बीडीसी सदस्य तारा कपकोटी, पूर्व उप प्रधान महिमन कपकोटी, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद ऐठानी, गणेश पांडे, दीवान मेहता, हुकुम ऐठानी आदि हैं।
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उधर मामले में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस रावत का कहना है कि एक्सरे ऑपरेटर की तैनाती के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया है। अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल से सप्ताह के हर बृहस्पतिवार ऑपरेटर की ड्यूटी लगाई गई है।

तमाशबीन बने आंदोलनकारी
कपकोट। कभी कपकोट सीएचसी से पीपीपी मोड से हटाने के लिए आंदोलन करने वाले अस्पताल की बिगड़ती व्यवस्था को लेकर तमाशबीन बने हैं। इससे विरोध की उनकी मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने भी आंदोलनकारियों के रुख पर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पहले पीपीपी मोड की अव्यवस्थाओं का विरोध करने वालों को अस्पताल की और बिगड़ी व्यवस्थाएं नजर नहीं आ रहीं।
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