प्रदर्शन करते भारतीय मजदूर संघ के सदस्य।
- फोटो : amar ujala
स्पष्ट श्रमनीति नहीं बनाने का आरोप लगाते हुए भारतीय मजदूर संघ ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाद में मजदूर संघ ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर मनरेगा में 200 दिन के रोजगार और 500 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग की है।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे भारतीय मजदूर संघ के सदस्यों ने कहा कि सरकार की श्रम नीतियां स्पष्ट नहीं होने से मजदूरों और उद्योगों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। श्रमिक उहापोह की स्थिति में हैं। सदस्यों ने कहा कि सरकार का खुला समर्थन करने वाले मजदूर वर्तमान स्थिति में स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
सभी सदस्यों ने श्रमिकों के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग उठाई। इसके साथ ही संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि वर्तमान में मनरेगा के मजदूरों को 175 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी और साल में मात्र 100 दिन का रोजगार दिया जा रहा है। इससे मजदूरों की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। श्रमिकों की स्थिति को देखते हुए उन्होंने साल में 200 दिन के रोजगार और 500 रुपये मजदूरी की मांग की गई। बाद में इस संबंध का ज्ञापन डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया। प्रदर्शन और ज्ञापन भेजने वालों में भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, जिला प्रभारी गणेश सिंह बोरा, भुवन चंद्र, विशन दत्त, विमला देवी, हीरा गोस्वामी, रेखा देवी, कंचना, निशा, गीता देवी, देवकी देवी आदि ग्रामीण शामिल थे।