बागेश्वर के लोनिवि कार्यालय में प्रदर्शन करते जौलकांडे के लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। जौलकांडे-लेटी मोटर मार्ग डामर उखड़ने से बदहाल हो गया है। सड़क पर वाहन चलाना खतरनाक होता जा रहा है। कई बार विभाग को सड़क की बदहाली बताने के बावजूद डामरीकरण नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पीएमजेएसवाई के कार्यालय में प्रदर्शन कर जल्द डामरीकरण का काम शुरू करवाने की मांग की। 20 दिन के भीतर समस्या का निदान नहीं होने पर आमरण अनशन करने की भी चेेतावनी दी।
जौलकांडे के लिए 2007-08 में बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग से सड़क का निर्माण कराया गया था, जिसका विस्तार लेटी, शीशाखानी और छानापानी तक हो गया है। वर्ष 2014 में जौलकांडे तक सड़क में डामरीकरण का कार्य करवाया गया जो दो साल के भीतर ही उखड़ गया। इसके बाद से मोटर मार्ग लगातार बदहाल होता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर बने गड्ढों में अक्सर दोपहिया वाहन रपट रहे हैं। टैक्सी और अन्य वाहनों पर सवारी करना भी खतरनाक होता जा रहा है। बताया कि कई बार पीएमजेएसवाई को डामरीकरण की मांग को लेकर पत्र दिया गया। जिलाधिकारी को भी ज्ञापन देकर समस्या बताई गई। बीते 31 मार्च को ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था। लगातार अनदेखी से परेशान होकर ग्रामीणों ने मंगलवार को पीएमजेएसवाई कार्यालय में विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि जल्द डामरीकरण का काम शुरू नहीं किया गया तो पूरे क्षेत्र के ग्रामीण लेटी के खाइन में बने गोल्ज्यू मंदिर में आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर जौलकांडे के प्रधान प्रतिनिधि नरेश उप्रेती, पूर्व प्रधान दर्वान सिंह बिष्ट, लेटी के ग्राम प्रधान गोविंद सिंह ड्याराकोटी, शीशाखानी के प्रधान बबलू वर्मा, अशोक लोहुमी, पूर्व प्रधान हरीश मनराल सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।