बागेश्वर। लोस चुनाव में बेशक महिला उम्मीदवार नहीं है लेकिन इस बार महिलाएं चुनाव में वोट देने केे लेकर संजीदा है। महिलाओं का तर्क है कि ऐसी सरकार, सांसद का चयन किया जाएगा जो बेरोजगारी, पलायन, बदहाल सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं में सुधार करें।
वहीं पिछले कुछ सालों में पहाड़ों में महिला अपराध बढ़े हैं ऐसे में सांसद का चयन करते समय ऐसे उम्मीदवार, दल को देखेंगी जो आधी आबादी को पूरा हक जैसे कन्या भ्रूण हत्या पर प्रतिबंध, बेटी पढ़ाओ, गांव की महिलाओं के लिए रोजगार के इंतजाम कर सके। पेश हैं महिलाओं से बातचीत के कुछ अंश:
कोट
पहाड़ में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार विकट समस्या है। जो इन समस्याओं के समाधान का सिर्फ वादा नहीं बल्कि काम करेगा उसे वोट दिया जाएगा। -तुलसी पांडे
पहाड़ के ज्यादातर गांवों में महिलाओं की संख्या ज्यादा हैं, ऐसे में जो सरकार ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक मजबूती पर जोर करेगी वही हमारी सरकार होगी।
- हिमुली देवी
महिला अपराधों की रोकथाम, बुनियादी जरूरतों को पूरा करना जरूरी है। हर पांच साल में सांसद आते हैं चले जाते हैं लेकिन महिलाओं की स्थिति में सुधार नहीं हो पाता है। अब बदलाव का समय है। -पुष्पा तिवारी
राज्य अलग हुआ था कि पहाड़, यहां के लोगों का विकास होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार को इस ओर ठोस योजनाएं बनानी चाहिए नहीं तो अब जनता के पास नोटा का भी विकल्प मौजूद है। -गरिमा पांडे