बागेश्वर। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन निर्माण को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच राजनीतिक दखल से अनशनकारी नाराज हो गए। उन्होंने राजनीतिक दलों को दो टूक चेताते हुए आंदोलन से राजनीति को दूर रखने नसीहत दी है। कहा कि भविष्य में ऐसी कोशिश पर आंदोलनकारी कड़ा प्रतिकार दर्ज कराने को मजबूर होंगे।
रविवार को पांचवें दिन भी टनकपुर-बागेश्वर रेलमार्ग निर्माण संघर्ष समिति का अनशन जारी रहा। अनशनकारियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन पर डटे रहने का इरादा जताया। इस बीच आंदोलनकारियों ने पिछले दिन अनशन स्थल पर समर्थन के लिए आए कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं द्वारा अनशन के राजनीतिकरण की कोशिश पर एतराज जताया। कहा कि जनहित को लेकर चलाए जा रहे इस आंदोलन में शुुरू से ही राजनीतिक लाभ लेने की मनाही की गई थी।
संघर्ष समिति महासचिव खड़क राम आर्या ने कहा कि आंदोलन में राजनीतिक दलों का भी स्वागत है लेकिन आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बर्दास्त नहीं की जाएगी। अनशन पर राजन सिंह, सोबन सिंह, सोबन सिंह द्वितीय, खीम सिंह बैठे। इस दौरान समिति अध्यक्ष नीमा दफौटी, गोविंद सिंह भंडारी, खड़कराम आर्या, हयात सिंह, महेंद्र सिंह, केशवानंद, पार्वती पांडे, सरस्वती, मंजू मिश्रा, गीता मिश्रा, लक्ष्मी धर्मशक्तू आदि थे।
84 वर्षीय बुजुर्ग भी अनशन पर बैठे
अनशन के समर्थन में रविवार को पगना गांव के 84 वर्षीय खीम सिंह मेहता भी अनशन पर बैठ गए। कड़ी धूप में पानी तक न पीने से उनके स्वास्थ्य में गिरावट आई मगर अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बिना वह अनशन पर डटे रहे।