बागेश्वर। जिला मुख्यालय से सटे ग्राम नैल कत्यूर के बाशिंदे जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। सड़क के अभाव में उन्हें गोमती पार कर मुख्यालय आना पड़ रहा है। लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठ रही है, लेकिन अभी तक हासिल कुछ नहीं हुआ। नाराज ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जल्द सड़क निर्माण की मांग उठाई है।
सोमवार को मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने डीएम को समस्या बताई। बताया के सड़क से गांव की दूरी छह किमी है। अब तक गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। उन्हें छह किमी की दूरी पैदल नापनी पड़ रही है। इस दौरान जान जोखिम में डालकर गोमती पार करनी पड़ रही है। रोगियों और गर्भवती महिलाओं को डोली में लादकर मुख्यालय तक लाना पड़ रहा है। बच्चे भी स्कूल जाने के लिए पांच किमी की पैदल दूरी नाप रहे हैं। सड़क के अभाव से नैल के साथ ही नावलिया, बिलेख के 650 ग्रामीणों को परेशानी और फजीहत उठानी पड़ती है। इस दौरान प्रधान हंसी देवी, सरपंच रतन सिंह, विमल रावत, मीना देवी, उम्मेद सिंह, दर्शन सिंह, नर सिंह, बबीता देवी, ठाकुर सिंह, मोहन सिंह आदि थे।
टेंडर के बाद अटका काम
स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत कमेड़ी से पापे मोटर मार्ग पांच किमी प्रस्तावित है। चार किमी सड़क के लिए दो साल पहले टेंडर हुए थे। टेंडर होने के बाद काम आगे नहीं बढ़ सका है। इस मार्ग से होते हुए ही नैल तक अतिरिक्त पांच किमी सड़क की मांग उठाई जा रही है। दरअसल मार्ग के निर्माण की राह में वन विभाग का पेच फंसा है।