बागेश्वर। राज्य आंदोलनकारी घोषित करने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे जिले के 99 आवेदकों को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण के संबंध में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत एक अवसर दिया जा रहा है।
डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि इसके तहत आवेदकों से 25 अप्रैल को शाम पांच बजे तक जरूरी अभिलेख मांगे गए हैं। उन्होंने बताया कि शासनादेश के अनुसार आवेदकों को एलआईयू की रिपोर्ट, पुलिस के अभिलेख, एफआईआर, चिकित्सा संबंधी रिपोर्ट और अन्य अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। समाचार पत्रों की कतरनें मान्य नहीं होंगी।