बागेश्वर। मोटर मार्ग का निर्माण गांव के बजाय खड़िया खदान की ओर करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने असौं-बसकूना सड़क का निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कपकोट तहसील के असौं से बसकूना के लिए तीन किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग सड़क का निर्माण गांव के लिए करने के बजाय खड़िया खान की ओर कर रहा है।
ग्रामीणों ने दो दिन पूर्व इस संबंध में एक शिकायत पत्र डीएम को भी सौंपा था। पत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर रविवार को बसकूना की पुरानी बस्ती के लोगों ने सड़क का निर्माण कार्य रुकवा दिया।
इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि शासन-प्रशासन को ग्रामीणों की समस्या से कोई सरोकार नहीं रह गया है। गांव के नाम पर बन रही सड़क खड़िया खदान के लिए ले जाई जा रही है। खदान के लिए सड़क बनने से दो अतिरिक्त पुलों के निर्माण पर भी करोड़ों रुपये खर्च होंगे।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने निर्माणदायी संस्था के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए इसका पुरजोर विरोध करने की चेतावनी दी। सड़क का निर्माण रोकने वालों में रणजीत सिंह, गणेश, उमेश सिंह, चतुर सिंह, गुमान सिंह, प्रयाग सिंह, राजेंद्र राठौर, वीर राम आदि शामिल थे।
असौं-बसकूना सड़क का लाभ गांव के सभी परिवारों को मिले इसी तरह से सर्वे किया गया है। बसकूना सड़क में कोई खड़िया खदान नहीं है। इससे आगे के प्रस्ताव में कोई खदान हो सकती है। मौके पर जाकर ग्रामीणों से बात की जाएगी। - दिनेश चंद्र, जेई, लोक निर्माण विभाग