कपकोट (बागेश्वर)।
ब्लड कैंसर से जूझ रहा ऐठान निवासी अजय ऐठानी आखिर जिंदगी की जंग हार गया। अजय विवेकानंद इंटर कालेज हिचौड़ी कपकोट में आठवीं कक्षा में अध्ययनरत था। जन सहयोग और लोगों की दुआएं भी उसकी जिंदगी नहीं बचा पाई। दिल्ली के एम्स में उसने रविवार को अंतिम सांस ली। उसके निधन की सूचना जैसे ही यहां पहुंची समूचा क्षेत्र में शोक में डूब गया। घर में उसकी को बेहोशी के दौरे पड़ रहे हैं। सोमवार को सरयू और खीर गंगा के संगम पर गमगीन माहौल में उसकी अंत्येष्टि कर दी गई। अजय के निधन के शोक में विवेकानंद इंटर कालेज बंद रहा। विद्यालय परिवार ने नम आंखों से इस होनहार विद्यार्थी को अंतिम विदाई दी।
उल्लेखनीय है कि ऐठान निवासी गंगा देवी के पुत्र अजय को ब्लड कैंसर हो गया था। काफी निर्धन परिवार से होने के कारण उसके इलाज के लिए कई हाथ आगे आए थे। जन सहयोग के उसे दिल्ली के एम्स में ले जा गया था। लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर थी। रविवार को अपराह्न उसने उपचार के दौरान वहां उसने अंतिम सांस ली। सोमवार जैसे ही उसका पार्थिव शरीर उसके घर ऐठान पहुंचा वहां उसकी माता गंगा देवी समेत सभी लोगों की आंखें भर आई। लोगों ने उसे अश्रुपूरित विदाई दी।
सरयू और खीरगंगा के संगम पर उसकी अंत्येष्टि की गई। अजय के निधन पर जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, विधायक बलवंत भौर्याल, पूर्व विधायकों में ललित फर्स्वाण समेत कई लोगों ने गहरा दु:ख और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है।
विवेकानंद इंटर कालेज हिचौड़ी कपकोट के प्रधानाचार्य कृष्णवर्द्धन जोशी की अध्यक्षता में हुई शोकसभा में अजय की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस मौके पर प्रबंधक राजेंद्र कपकोटी, विशन गढ़िया, दीवान सिंह ऐठानी, डीएन कांडपाल और ललित मोहन लोहनी आदि थे।
अजय की मदद को बढ़ चढ़ कर आगे आए थे लोग
बागेश्वर। ब्लड कैंसर से पीड़ित छात्र अजय अब इस दुनिया में नहीं रहा। लेकिन बीमार अजय की मदद के लिए जिस तरह से लोगों ने मदद को हाथ बढ़ाए उससे साबित हो गया है कि आज भी लोगों गरीब की मदद के मानवता जीवित है। छात्र अजय के उपचार के लिए लोगों ने लगभग दो लाख रुपये एकत्र कर लिए थे। इसमें महिला मंगल दल कपकोट व ग्रामीणों ने 70 हजार रुपये जुटाए, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से 68 हजार रुपये का चंदा जुटाया गया। पीजी कालेज बागेश्वर के बीएड के छात्र-छात्राओं ने 10800 रुपयेऔर डीईओ की पहल पर रमसा शिक्षकों ने 18400 रुपये और बागेश्वर महाविद्यालय के छात्रों ने 14 हजार रुपये की सहायता राशि जुटाई। कई अन्य लोगों ने भी अजय की मां गंगा देवी के खाते में सहायता राशि भेजी थी।