बागेश्वर। एक ओर शिकारी और वन कर्मी जंगल में आदमखोर की तलाश कर रहे थे। वहीं तेंदुआ दिन दहाड़े दुग बाजार में आ धमका। इससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोग बचने के लिए इधर-उधर भाग खड़े हुए। तेंदुए ने दिन भर वन कर्मियों की टीम को भी छकाया। दोपहर के समय तेंदुए ने चंडिका मंदिर की पहाड़ी की आबादी में आतंक मचाया। लेकिन काफी देर तक तलाश करने के बाद भी शिकारी और वन कर्मियों को तेंदुआ नजर नहीं आया।
बुधवार को तेंदुए ने दुग बाजार में दस्तक दी। बाजार में तेंदुए को देखते ही मौके से गुजर रहे लोगों और दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। लोग बचने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर भाग खड़े हुए। कुछ देर बाजार में टहलने के बाद तेंदुआ पेड़ों की ओट में गुम हो गया। तेंदुए की आमद के चलते बाजार में दिनभर दहशत रही।
दूसरी ओर दोपहर के वक्त एक तेंदुआ चंडिका मंदिर की पहाड़ी पर नजर आया। यहां भी कुछ देर आबादी में आवाजाही करता रहा। वन कर्मियों की टीम के पहुंचने से पहले ही तेेंदुआ चला गया। इसके साथ ही द्यांगण, मंडलसेरा, नदीगांव क्षेत्र में भी तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिली। इधर, दिनभर की कसरत के बाद भी शिकारी और वन कर्मियों को तेंदुआ कहीं नजर नहीं आया। नगर और आसपास लगाए गए सात पिंजरों में से एक में भी तेंदुआ नहीं फंसा। रेंजर एमएस नयाल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में लगाए कैमरों में भी तेेंदुए कैद नहीं हुआ।