बागेश्वर। स्कूल बसों में फर्स्ट एड बाक्स, जीपीएस सिस्टम और वाहन चालक व एक महिला कर्मी को ड्रेस में उपस्थित रहना जरूरी है। स्कूल बसों में बच्चों को क्षमता से अधिक बैठाने पर बस का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। यह बात बाल संरक्षण आयोग के सदस्य शैलेंद्र शेखर करगेती ने कही।
शनिवार को जिला कार्यालय सभागार में जिले में गठित बाल कल्याण समिति ,जेजे बोर्ड, पुलिस, शिक्षा आदि विभागों के अधिकारियों की बैठक में उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता बताते हुए विद्यालयों में सभी प्रावधान लागू करने को कहा। विभागीय अधिकारियों से नियमित स्कूलों की जांच करने के निर्देश भी दिए।
सीसीटीवी, प्रवेश द्वार पर उपस्थित पंजिका, वाहन चालकों का नाम, फोटो, मोबाइल नंबर विद्यालयों में बच्चों के पेयजल व्यवस्था करने को कहा। बाल विकास अधिकारी ने निर्भया प्रकोष्ठ के अंतर्गत पंजीकृत प्रकरणों के बारे में जानकारी दी। कहा कि 103 शिकायतों में से 74 मामलों का निस्तारण कर लिया गया है।
पॉक्सो में दर्ज 13 मामलों में से नौ का निस्तारण कर लिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी को दुकानों के अलावा छात्रावासों में भी खाद्य सामग्री के नमूने लेने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट, सीईओ हरीश रावत, एडीएम राहुल गोयल, एसडीएम श्याम सिंह राणा, सीओ वीर सिंह, सदस्य बाल कल्याण समिति दुर्गा असवाल, पूरन जोशी, जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, एसओ बैजनाथ मदन लाल, एसओ कौसानी एसएस नयाल, टीआर वर्मा, जेजेे बोर्ड सदस्य जगदीश जोशी, निर्मला अंसारी, अधिवक्ता निर्भया प्रकोष्ठ इंद्रा दानू, परिवहन विभाग के निश्चय जोशी, तारा चंद्र उप्रेती, संतोष जोशी आदि थे।