बागेश्वर। प्राथमिक शिक्षकों के लिए बीटीसी और डीएलएड अनिवार्य करने से मृतक आश्रित शिक्षक परेशान हैं। शिक्षकों ने अनिवार्य किए गए बीटीसी और डीएलएड में उन्हें छूट देने की मांग की है।
रविवार को बागनाथ मंदिर परिसर में प्राइमरी, जूनियर शिक्षक संघ के मृतक आश्रित शिक्षकों की बैठक हुई। किशोर पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में मौजूद शिक्षकों ने कहा कि जनपद बागेश्वर में मृतक आश्रित अध्यापकों की कुल संख्या करीब 200 है।
इसमें करीब 40 अध्यापकों ने अभी तक विशिष्ट बीटीसी और डीएलएड पास नहीं किया है, जबकि प्राइमरी अध्यापक के लिए सरकार द्वारा यह परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है। कहा कि उन्होंने यूपी शासन के समय वर्ष 1996 में दो वर्षीय विशिष्ट बीटीसी का कोर्स किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने मुख्य परीक्षा नहीं कराई।
अब उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2009 से सभी अध्यापकों के लिए विशिष्ट बीटीसी या डीएलएड अनिवार्य कर दिया है। बैठक में उपस्थित सभी शिक्षकों ने मानकों में छूट देने और पूर्व में किए गए विशिष्ट बीटीसी परीक्षा का रिजल्ट घोषित करने की मांग उठाई। बैठक में पूरन चंद्र, किशोर पंत, महिपाल सिंह, संतोष टाकुली, चंदन सिंह, मुरली मनोहर जोशी, गणेश दत्त पाठक, ललित मोहन, तारा सिंह, घनश्याम सिंह आदि थे।