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तेंदुए के आतंक से घरों में दुबकने को मजबूर हुए ग्रामीण

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बागेश्वर। जिले के कई गांवों में तेंदुए के आतंक से भयभीत ग्रामीण सायं होते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं। वन विभाग गांवों में पिंजड़ा लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास कर रहा है। लेकिन, विभाग को अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। रीमा क्षेत्र में बृहस्पतिवार को तेंदुए ने एक बालिका को घायल कर दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कई महीनों से तेंदुए का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार वन विभाग से तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की जा चुकी है। सूचित करने के बाद भी वन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दे रहा है। रीमा, पचार, किड़ई, दोफाड़, धरमघर आदि गांवों के ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों का खेतों व जंगलों में निकलना तथा बच्चों का स्कूल को जाना मुश्किल हो गया है।
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इधर बागेश्वर जिला मुख्यालय के आस पास भी लोग तेंदुए के आतंक से परेशान हैं। निकटवर्ती ग्राम खोली, काकड़ा, बहुली, द्यांगण,बिलौना, नदीगांव, खरही, चौगांवछीना, जौलकांडे आदि स्थानों में भी लोग तेंदुए के आतंक से परेशान हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। वन विभाग के रेंजर एमएस नयाल ने बताया कि कुछ स्थानों में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया जा रहा है। साथ ही वन विभाग की टीम रात में गश्त कर रही है।
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