बागेश्वर। बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने से कांडा क्षेत्र के 190 गांवों के लोगों ने रात बगैर बिजली के काटी। बुधवार को 16 घंटे बाद इन गांवों की बिजली बहाल हुई। उधर, कपकोट के सरण गांव में पेड़ की टहनी काट रही एक महिला करंट की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। इस कारण कपकोट क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति करीब 7 घंटे तक बाधित रही।
ऊर्जा निगम से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 10 बजे बागेश्वर से विजयपुर जाने वाली 33 केवी लाइन में मनकोट-सिरोली के बीच चीड़ का पेड़ गिर गया। इससे कांडा, बनलेख, रीमा, धपोलासेरा, धरमघर, सनीउडियार समेत लगभग 190 गांवों की बिजली गुल हो गई। बुधवार दोपहर करीब दो बजे इन इलाकों की बिजली आपूर्ति बहाल हुई। 16 घंटे तक बिजली न होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
उधर, बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे कपकोट के सरण गांव के पास एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। ऊर्जा निगम के ईई भाष्कर पांडे ने बताया कि सरण गांव के पास एक महिला ने पेड़ की टहनी काटी, जो पेड़ के बगल से गुजर रही 33 हजार बोल्ट की हाई टेंशन लाइन में जा टकराई। उस समय लाइन अनुरक्षण कार्य के चलते बंद थी, नहीं तो महिला करंट की चपेट में आ सकती थी। टहनी लाइन में गिरने के बाद महिला पेड़ से नीचे उतर आई। लाइन में टहनी अटकने से बिजली की लाइन फॉल्ट में आ गया। सरण, सपुली समेत लगभग 35 गांवों की बिजली शाम सवा चार बजे तक बाधित रही।