जिले मेें पर्यटन का आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए सरकार ने 16.74 करोड़ की दो बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है। कौसानी में पर्यटन विभाग की भूमि पर ईको हट्स सहित संपूर्ण परिसर के लिए 7.99 करोड़ रुपये मिले हैं।
ट्रेकिंग रूट के विकास को विश्व विख्यात पिंडारी, कफनी ग्लेशियर सहित उच्च हिमालयी क्षेत्र में नौ फैब्रिक हट बनाने, स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण देने के लिए 8.74 करोड़ रुपये मिल गए हैं।
जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी आरएस ऐरी ने बताया कि कौसानी में पर्यटन विभाग आवास गृह के पास 120 नाली भूमि है। इस परिसर की खाली भूमि पर लकड़ी की ईको हट का निर्माण किया जाएगा।
परिसर में लकड़ी के चबूतरे, बैंच, सोलर लाइट, वाटर फिल्टर, सीवर सिस्टम, जैविक कूड़ा निस्तारण, डिस्प्ले बोर्ड, बोरिंग पेयजल योजना, रेलिंग, सोलर लाइट सहित वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। आंतरिक रास्ते भी विकसित होंगे। इसके लिए सरकार ने 7.99 करोड़ रुपये दिए हैं। काम शुरू हो गया है।
उन्होंने बताया कि उच्च हिमालय में पिथौरागढ़ के नामिक से चमोली के बेदिनी बुग्याल तक ट्रांस हिमालयन ट्रेेकिंग रूट बनाने की तैयारियां चल रही हैं। इस रूट पर सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार ने 8.74 करोड़ रुपये दिए हैं।
इस राशि से बागेश्वर जिले के अंदर नौ स्थानों पर प्री फैब्रिक हटों का निर्माण किया जाएगा। शीघ्र ही काम शुरू हो जाएगा। इस मार्ग पर ट्रेकिंग का लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। रूटों से लगे गांवों में लोगों को इसी राशि से पर्यटन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
प्री फैब्रिक हटों का निर्माण सूपी, पकुवा, झूनी, धाकुड़ी, कफनी, बदियाकोट, पिंडारी, बोर बलड़ा, कठलिया में होगा। कफनी, पिंडारी में बिजली नहीं है। शेष सात स्थानों पर बिजली, पानी उपलब्ध है। सूपी तक सड़क भी है।