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एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी दूसरे दिन भी धरने पर डटे रहे

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agitation - फोटो : Google
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बागेश्वर। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी समेत अन्य पदों पर पदोन्नति की मांग को लेकर एजुकेशनल मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय में धरना दिया।
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धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान सहायक के पदों पर पदोन्नति शीघ्र की जाए। पदोन्नति की मांग को लेकर कर्मचारी लंबे समय से संघर्षरत है लेकिन इन पदों पर पदोन्नति नहीं की जा रही है।

उन्होंने जल्द पदोन्नति नहीं करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। धरने में संगठन के अध्यक्ष भुवन चंद्र जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह परिहार, गौरव कर्म्याल, नरेंद्र फर्स्वाण, आनंदी गोस्वामी, रेखा आर्या, सुरेंद्र मेहता हेमंत बिष्ट, महेश मेहता, कमलेश लोहनी, सुरेश देवराड़ी, दिनेश रावत, खीम चंद्र जोशी, त्रिभुवन कोरंगा, जगदंबा साह आदि बैठे।
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आठ माह से नहीं मिली मजदूरी
गरुड़ (बागेश्वर)। मनरेगा के कुशल श्रमिकों को मजदूरी के लाले पड़ गए है। विकास खंड के पचना, मेलाडुंगरी, बिमोला, जखेड़ा, सुराग, नैकाना खुमटिया, नौघर, माल्दे, डंगोली, गढ़खेत, कुलाऊं आदि गांवों में श्रमिकों ने आठ माह पूर्व विभिन्न निर्माण योजनाओं में काम किया था। आठ माह बीतने के बाद भी उन्हें आज तक मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है।

मेलाडुंगरी के प्रधान बलवंत सिंह भंडारी ने बताया कि ग्राम पंचायत की विभिन्न योजनाओं में गांव के कुशल मजदूर बराबर काम करते आ रहे है। सरकार की उदासीनता के चलते कुशल मजदूरों के खातों में आज तक मजदूरी नहीं आयी है। मजदूरी का भुगतान नहीं होने से कुशल मजदूरों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जखेड़ा के प्रधान ईश्वर सिंह परिहार, नैकाना खुमटिया की प्रधान प्रेमा परिहार,पचना के क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रकाश कोहली, हरीनगरी के प्रधान लक्ष्मण राम आर्य ने बताया कि कुशल श्रमिकों के खातों में आठ माह से मजदूरी नहीं आयी है। लंबित मजदूरी का भुगतान नहीं होने से अधिकांश मजदूरों ने मनरेगा के काम से हाथ खींच लिए है। मनरेगा के निर्माण कार्यो में सामाग्री की सप्लाई करने वाले पंजीकृत व्यापारियों का कहना है कि उन्हें भी सामग्री अंश का आठ माह से भुगतान नहीं हुआ है।

कोट : मनरेगा के तहत विकास खंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य चल रहे है। अकुशल श्रमिकों के खातों में बराबर मजदूरी आ रही है। कुशल श्रमिकों के खातों में मजदूरी लंबे समय से नहीं पड़ी है। विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। - रमेश चंद्र आर्या, बीडीओ गरुड़
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