बागेश्वर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला प्रशासन के की ओर से कांडा के राजकीय इंटर कॉलेज बाजीरौट में बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया। इसमें कानूनों और विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई।
सिविल जज सुमन ने कहा कि पहाड़ो से हो रहे पलायन के कारण बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता को अकेले छोड़ दे रहे हैं। 2007 अधिनियम के तहत 60 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण और भरण पोषण के लिए प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र दे सकता है। माता-पिता का परित्याग करने पर व्यक्ति को तीन माह की सजा, पांच हजार तक का जुर्माने का प्रावधान है। जिला जज और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धनंजय चतुर्वेदी ने पॉक्सो अधिनियम 2012 के संबंध में जानकारी दी। कहा कि यदि नाबालिग बालिका संग उसकी सहमति से संबंध बनाना भी कानूनी अपराध है। इसमें दस वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
अपर जिला जज कुलदीप शर्मा ने कहा कि निशुल्क कानूनी सहायता अधिनियम की धारा 1987 के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति के सदस्य चाहे महिला हो या बालक मानसिक रुप से अस्वस्थ हो या असमर्थ को निशुल्क अधिवक्ता प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिनकी सालाना आय कम है वे भी कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते है।
शिविर में जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष गोविंद भंडारी, शासकीय अधिवक्ता बसंत बल्लभ पाठक, गोविंद बल्लभ उपाध्याय, एसडीएम कांडा योगेंद्र सिंह ने विचार रखे। शिविर में जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, बीडीओ आलोक भंडारी, तहसीलदार मैनपाल सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख इंद्र परिहार मौजूद थे। संचालन शासकीय अधिवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय ने किया।