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रिचार्ज जोन के ऊपरी स्थानों में चाल-खाल बनाने से ही होगी भूमिगत जलस्तर में वृद्धि

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बागेश्वर। रिचार्ज जोन के ऊपरी स्थानों पर चाल-खाल, खंतिया बनानी होगी। इससे बारिश का पानी अवशोषित होकर सीधे भूमि के अंदर जाएगा और भूमिगत जलस्तर को बढ़ाएगा। हां इसमें विभिन्न रेखीय विभागों में समन्वय जरूरी है। यह बात प्रो. जेएस रावत ने गरुड़ गंगा पुर्नजनन के अभियान के दूसरे चरण की बैठक में कही।

कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार की देर सायं हुई इस बैठक में डीएम रंजना राजगुरु ने अभियान को सफल बनाने केे लेकर नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें प्रो. रावत ने पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के जरिये गरुड़ गंगा के कैचमेंट एरिया में किये जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। कहा कि इसमें जो चाल-खाल, खंतिया, ट्रंच, गड्ढे बनाने हैं उसमें तकनीकी सहयोग की जरूरत होगी। इसके लिए सभी को प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है।
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डीएम रंजना राजगुरु ने कहा कि गरुड़ गंगा पुर्नजनन अभियान की सफलता सभी विभाग जिम्मेदारी से काम करें। जल संरक्षण एवं जल संवर्द्धन के लिए स्थानीय लोगों को जागरूक करने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक बनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व पर इस कार्यक्रम को वृहद रूप दिया जायेगा। इसमें स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, स्वंयसेवी संस्थाओं, स्कूली बच्चों, अधिकारी, कर्मचारियों को भी जोड़ा जाएगा। इधर प्रो. रावत ने गरुड़ गंगा के सभी नौ रिचार्ज जोनों की समीक्षा की। उन्होंने नदी के जल स्तर बढ़ाने, बायोलॉजिकल मेकेनिकल प्लॉन पर भी चर्चा की। बैठक में एसएसएस पांगती, शिल्पी पंत, डॉ. उदय शंकर, तेजपाल सिंह, गीतांजलि बंगारी आदि मौजूद थे।
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