बागेश्वर। हार-जीत के गुणा गणित में उलझे प्रत्याशियों को पहली बार नोटा का भय भी सता रहा है। बागेश्वर में कम मतदान होने से मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद है। ऐसे में प्रत्याशी नोटा के मतों का भी आंकलन करने में जुट गए हैं।
गौरतलब है कि पहली बार निकाय चुनाव में नोटा का विकल्प रखा गया है। रविवार को हुए मतदान के दौरान बूथों में कई मतदाता नोटा की वकालत करते भी नजर आए। इससे प्रत्याशियों की चिंता बढ़नी स्वाभाविक है। लोगों का कहना अगर नोटा के पक्ष में अनुमान से अधिक मत पड़ते हैं तो नतीजे चौंकाने वाले आ सकते हैं। बता दें कि बागेश्वर के समानता मंच ने इस मामले में सभी दलों को निशाने पर लेते हुए चुनाव में नोटा का इस्तेमाल करने पुरजोर वकालत की थी। इसको लेकर नगरवासियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। ब्यूरो