बागेश्वर। निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग का खतरा भी मंडरा रहा है। मतदान के बाद राजनीतिक दलों ने नुकसान की थाह लेनी शुरू कर दी है। निकाय चुनाव में मतदान के बाद प्रत्याशी हार जीत के गुणा गणित में उलझे हैं।
इस बात का भी आंकलन किया जा रहा है कि किस पार्टी पदाधिकारी या कार्यकर्ता ने विरोधी पक्ष के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान में मदद की। आशंका है कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान कराया है। यह किसी भी अधिकृत प्रत्याशी की हार का कारण बन सकता है। इसे देखते हुए रणनीतिकार और विश्लेषक भीतरघात की थाह लेने मेें जुट गए हैं।
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किसी भी पदाधिकारी, कार्यकर्ता पर भीतरघात का संदेह नहीं है। परिणाम आने के बाद बूथवार समीक्षा होगी। यदि कहीं भी शिकायत मिलती है तो निश्चित तौर पर निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी।
- शेर सिंह गढ़िया, जिलाध्यक्ष भाजपा
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सभी निष्ठावान कार्यकर्ता, पदाधिकारी चुनाव में अधिकृत प्रत्याशी के साथ खड़े थे। चुनाव परिणाम के बाद समीक्षा में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर निर्णय लेंगे। भीतरघात पर निष्कासन होगा।
- लोकमणि पाठक, जिलाध्यक्ष कांग्रेस