कपकोट (बागेश्वर)। 14 किमी लंबी खारबगड़-ऐठाण-हिचौड़ी नहर में पानी नहीं चलने से रबी फसलों की बुवाई और शाकभाजी प्रभावित हो गई है। इससे किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। काश्तकारों ने सिंचाई विभाग से नहर में जल्द पानी चलवाने की मांग की है। ऐसा न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
2013 की बरसात में खारबगड़-ऐठाण-हिचौड़ी नहर भानी में बंद हो गई थी। काफी होहल्ला के बाद सिंचाई विभाग ने नहर में पानी चलाया। इस बरसात में नहर भानी और अन्य स्थानों पर फिर से बंद हो गई। किसानों ने बताया कि नहर में पानी नहीं चलने से वह रबी फसलों की बुवाई कर पा रहे हैं।
पानी के बगैर शाकभाजी के हलक भी सूख गए हैं। सिंचाई विभाग को नहर में पानी चलाने के लिए कई बार कह दिया है लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं है। किसानों ने प्रशासन से नहर में शीघ्र पानी चलवाने के लिए सिंचाई विभाग को कड़े निर्देश देने की मांग की है।
चेतावनी देने वालों में व्यापार मंडल भराड़ी के अध्यक्ष शेर सिंह ऐठानी, हरि मोहन ऐठानी, पूर्व प्रधान अमर राम, महिमन ऐठानी, चंचल ऐठानी, नंदन प्रसाद, कुंवर राम आदि शामिल हैं। इधर सिंचाई विभाग के एई टीएन बिष्ट ने कहा कि दैवीय आपदा मद से बजट के लिए इस्टीमेट भेजा गया है। बजट प्राप्त होते ही नहर ठीक करवा दी जाएगी।