बागेश्वर। आपदा की मार से दो और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मकान के मलबे में दबकर चार मवेशियों की मौत हो गई। वहीं, दो और परिवार बेघर हो गए। प्रभावितों ने गांव में संबंधियों के घर शरण ली है। दूसरी ओर चार मकानों को बुरी तरह जबकि दो को आंशिक क्षति पहुंची।
बुधवार की रात हुई मूसलाधार बारिश के बीच बागेश्वर तहसील के बिलेख में किशनानंद का मकान बुुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रभावित पति-पत्नी ने क्षतिग्रस्त हिस्से से भागकर जान बचाई। दो सदस्यीय परिवार क्षतिग्रस्त मकान में रहने के लिए मजबूर हैं। कपकोट तहसील के बघर में मोहन सिंह का मकान पूर्ण क्षतिग्रस्त हो गया। मकान के निचले तल पर गोशाला में बंधे एक बैल और बछिया की मलबे में दबकर मौत हो गई। इसके साथ ही पांच सदस्यीय परिवार बेघर हो गया। इसी गांव में लक्ष्मण सिंह का मकान भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मलबे में दबकर दो बछड़ों की मौत हो गई। यह पांच सदस्यीय परिवार बेघर हो गया। जबकि रंजीत सिंह का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। पांच सदस्यीय परिवार क्षतिग्रस्त मकान में रहने के लिए मजबूर है।
पोथिंग में देवीदत्त का मकान बुुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चार सदस्यीय परिवार खतरे के बीच क्षतिग्रस्त मकान में रह रहा है। वहीं, बृहस्पतिवार को कांडा तहसील के बलगड़ी में गोकुलानंद का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पांच सदस्यीय परिवार खतर े के बीच क्षतिग्रस्त मकान में रह रहा है। उधर, गरुड़ तहसील के भिलकोट में मोहन सिंह जबकि डंगोली में केशव गिरी का मकान आंशिक क्षतिग्रस्त हो गया। आपदा की सूचना पर राजस्व कर्मियों ने मौका मुआयना कर नुकसान का आकलन किया। ब्यूरो
12 सड़कें बंद, 30 हजार का यातायात ठप
बागेश्वर। भूस्खलन और मलबा आने से जिले में 12 मोटर मार्ग बंद रहे। इनमें से छह सड़कें लगातार तीसरे सप्ताह बंद रही। कई दिनों से बंद सड़कें न खुलने से ग्रामीणों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क से आवाजाही पर निर्भर 30 हजार की आबादी यातायात सेवा से वंचित रही।
बृहस्पतिवार को कपकोट-पिंडारी, भयू-गडेरा, कपकोट-पोलिंग, धरमघर-सनगाड़, पोथिंग-भगवती मंदिर, हरसिला-पुड़कुनी, कपकोट-कर्मी, शामा-लीती, बागेश्वर-कपकोट, कपकोट-लीती, धरमघर-माजखेत, शामा-नौकुड़ी मोटर मार्ग बंद रहे। ग्रामीण अंचलों का आपसी ही नहीं बल्कि मुख्यालय और शेष दुनिया से भी सड़क संपर्क कटा रहा। जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी और पूर्व विधायक ललित फर्सवाण का कहना है कि सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में समस्याएं बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से कार्यदायी संस्थाओं को काम में देने लाने के निर्देश देने की मांग की है। इधर, कौसानी में बारिश की मार से जिला पंचायत की सड़क की सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई। इससे मार्ग के धंसने और दुर्घटना का खतरा बना है। ब्यूरो