बागेश्वर। पुलिस और आबकारी विभाग की उदासीनता से इन दिनों पुंगरघाटी के कई गांव शराब तस्करों के कब्जे में आ गए हैं। नशेड़ियों के आतंक से जहां महिलाओं का अकेले में इधर-उधर जाना बंद हो गया है। वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। धंधेबाजों और नशेड़ियों का विरोध करने पर वह मारपीट पर उतारू हो जा रहे हैं। ग्रामीणों ने पुुुलिस और प्रशासन से शराब के अवैध धंधों में लिप्त तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों दोफाड़, मनीगांव समेत कई गांवों में अवैध शराब का धंधा खूब फल फूल रहा है। प्रमाणित दुुकानों में बिकने वाली शराब तस्करी के जरिए गांवों में पहुंच रही है। गांवों में धड़ल्ले से आ रही शराब को रोकने के लिए पुलिस, आबकारी महकमा आंखें मूंदे है। कहा कि अवैध शराब के धंधे में लिप्त तत्वों पर नकेल नहीं कसी गई तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। चेतावनी देने वालों में पुंगरघाटी विकास मंच के अध्यक्ष हरीश कालाकोटी, महिला मंगल की अध्यक्ष प्रेमा देवी, गाऊंली देवी, देवकी देवी, दीपा, कमला, विमला देेवी आदि शामिल हैं। इधर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार ने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने के लिए पुलिस को पहले से ही निर्देश दिए गए हैं।