कपकोट (बागेश्वर)। शील नर्सिंग होम बरेली, स्वास्थ्य विभाग के बीच तहसील मुख्यालय स्थित सीएचसी से हुआ पीपीपी मोड का पांच साल का अनुबंध रविवार रात पूरा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को अस्पताल का संचालन अपने हाथों लेना शुरू कर दिया है। अस्पताल में कर्मियों की भारी कमी के कारण पहले दिन यहां रोगियों के न तो एक्सरे हो सके और न ही जरूरी जांचें नहीं हो सकी। अस्पताल में ऑपरेटर न होने से अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहले से ही ताला लगा है। इन जांचों के लिए रोगियों को बाहर की शरण लेनी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग और शील नर्सिंग होम बरेली के मध्य तहसील मुख्यालय पर स्थित सीएचसी का 13 मई 2013 को पांच साल का अनुबंध हुआ था। जो रविवार को पूरा हो गया है। शील ने स्वास्थ्य महानिदेशालय को अनुबंध के नवीनीकरण के लिए आवेदन भेजा है। निदेशालय ने इस मामले में कोई निर्णय लिया है। अलबत्ता सीएमओ के निर्देशन पर अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने सोमवार को अस्पताल का संचालन अपने हाथों में लेना शुरू कर दिया है। अस्पताल में 11 में से सिर्फ पांच डॉक्टर हैं। प्रभारी को छोड़ अन्य डॉक्टरों को क्षेत्र के अन्य अस्पतालों से लाया गया है। अस्पताल में विभिन्न अस्पतालों में तैनात चार नए डॉक्टरों को तैनात किया गया है। अस्पताल में तीन फार्मेसिस्टों के सापेक्ष सिर्फ एक ही है। पहले दिन क्षेत्र के दो अन्य अस्पतालों से फार्मेसिस्ट मंगाए गए थे। अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट न होने के कारण रोगियों के खून, मल, मूत्र की जांच नहीं हो सकी है, तकनीशियन के बगैर लोगों के एक्सरे भी नहीं हो सके जबकि यहां ऑपरेटर न होने के कारण अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहले से ताला लगा है। प्रसव कक्ष में डॉक्टर हैं लेकिन अन्य कर्मचारी न होने के कारण यह काम भी प्रभावित रही। क्षेत्र के लोगों ने शासन, स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्थाएं शीघ्र दुरुस्त करवाने को कहा है।
सीएचसी से पीपीपी मोड हटा पर सुविधाएं बहाल नहीं
ऑपरेटर न होने से अल्ट्रासाउंड कक्ष पहले से ही बंद
11 में से सिर्फ पांच डॉक्टर हैं अब यहां