बागेश्वर। शासन द्वारा सीमा विस्तार के चलते नगर पालिका में मिलाए गए गांवों का विकास ठप हो गया है। गांवों में विकास की राशि पर रोक लग गई है तथा प्रधानों व उप प्रधानों के मानदेय पर रोक लगा दी है। ग्रामीणों ने इन गांवों को पालिका से बाहर करने की मांग की है।
शासन ने नगर पालिका सीमा विस्तार के तहत ग्राम पंचायत मेहनरबूंगा, बिलौना, सैंज, माजियाखेत, बड़ेत, कफलखेत, बिनवाल तिवारी, भतरौला, कठायतबाड़ा, मंडलसेरा, गाड़गांव को नगर पालिका में मिलाने का नोटिफिकेशन जारी किया था। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने पालिका में शामिल करने का पुरजोर विरोध भी किया गया था। शासन ने ग्रामीणों की सहमति के बिना ही इन गांवों को पालिका में शामिल कर दिया।
पालिका में शामिल करने के बाद से ही गांवों का विकास ठप हो गया है। प्रधानों व उप प्रधानों को मिलने वाला मानदेय भी बंद कर दिया गया है। इन गांवों में शहरी विकास विभाग की ओर से भी विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। प्रधान बिलौना कैलाश गढ़िया, प्रधान बड़ेत नीमा पालनी, प्रधान मंजू बिष्ट, अनीता टम्टा, जयंती देवी सहित प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने गांवों को पालिका से बाहर करने तथा गांवों के विकास के लिए बजट जारी करने की मांग की है।