बागेश्वर। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत शिक्षक अभिमुखीकरण कार्यशाला में पूर्व मुख्य शिक्षा अधिकारी अंबा राम आर्य ने कहा है कि शिक्षक नई खोज व जानकारियां हासिल करते हुए बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करें।
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों में जिज्ञासा जागृत करना तथा उन्हें ज्ञान से तृप्त करना शिक्षक का प्रथम दायित्व है। डायट के प्राचार्य डॉ. केएस रावत ने कार्यशाला में सीखे गए ज्ञान को बच्चों तक पहुंचाने की अपील की। कार्यशाला में स्वच्छ हरित, स्वस्थ राष्ट्र के लिए विज्ञान प्रोद्योगिकी एवं नवाचार विषय पर आयोजित विषय पर कई जानकारियां दी गई। जनपद समन्वयक प्रधानाचार्य प्रमोद तिवारी ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की अवधारणा व उद्देश्यों के बारे में बताया। सह समन्वयक दीप चंद्र जोशी ने बताया कि इस वर्ष जनपद में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन नवंबर में किया जाएगा। राज्य संदर्भ व्यक्ति बीडी पांडे व संदीप जोशी ने पांचों उप विषयों की जानकारी दी। कार्यशाला में डॉ. राजीव जोशी, राजीव निगम, मोहन सिंह धामी, लक्ष्मी अंडोला, सुधा वर्मा, नीरज जोशी, कमल बिष्ट, हरिओम मेहता, मुकेश कुमार, लोकेश्वर पंत आदि थे।