बागेश्वर। जिले में रसोई गैस की समस्या गहरा गई है। सिलेंडरों की किल्लत के चलते गैस सर्विस का बैकलॉग 1000 पहुंच गया है। इससे स्पॉट डिलीवरी का रोटेशन भी टूट गया है। बागेश्वर से लेकर कांडा, कपकोट और गरुड़ तक सभी जरूरतमंदों को रसोई गैस नहीं मिल पा रही है। नगरीय क्षेत्रों में रसोई गैस की समस्या ज्यादा गहराई है।
जिले में एकमात्र बागेश्वर गैस सर्विस के माध्यम से एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जाती है। इसके लिए बागेश्वर के साथ ही कांडा, कपकोट, गरुड़ में गोदाम बनाए गए हैं। जिले में रोजाना घरेलू, व्यवसायिक छह सौ सिलेंडरों की खपत होती है। नगर-कस्बों में रोटेशन के आधार पर स्पॉट डिलीवरी की जाती है। पिछले 15 दिन से आईओसी प्लांट से बागेश्वर गैस सर्विस को नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। सामान्य तौर पर रोजाना आपूर्ति के लिए तीन वाहन आते हैं। लेकिन आपूर्ति गड़बड़ाने से एक दिन में बमुश्किल एक वाहन की आवक हो रही है।
आवक कम होने से आपूर्ति पर असर पड़ा है। सभी उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल पा रही है। सिलेंडरों की किल्लत से बैकलॉग 1000 पहुंच गया है। इससे नगर, कस्बों में आपूर्ति के लिए बनाया गया स्पॉट डिलीवरी रोटेशन भी टूट गया है। पहले से तय दिन स्पॉट डिलीवरी नहीं हो पा रही है। रसोई गैस के लिए जरूरतमंद इधर से उधर भटक रहे हैं।
कोट
प्लांट में वाहनों की कमी के चलते मांग के मुताबिक आवक नहीं हो रही है। इससे बैकलॉग एक हजार पहुंच गया है। किल्लत से स्पॉट डिलीवरी का रोटेशन भी टूट गया है। उपभोक्ताओं की मांग और बैकलॉग के दबाव में आपूर्ति बनाए रखने की चुनौती खड़ी है।
बीबी तिवारी, प्रबंधन, गैस सर्विस बागेश्वर
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