बागेश्वर। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आए दर्जनों रोगियों को बैरंग लौटना पड़ा। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने के चलते अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए। इससे रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर गर्भवती महिलाएं और गंभीर रोगी खासे परेशान रहे।
जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ एनएस टोलिया एविडेंस (अदालती केस) के एक मामले के चलते अवकाश पर रहे। इससे अस्पताल में अल्ट्रासाउंड का काम ठप रहा। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए दूरदराज से काफी गर्भवती महिलाएं और गंभीर रोगी पहुंचे थे। चिकित्सक के न होने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। कुछ गंभीर रोगियों को ज्यादा धन खर्च कर निजी केंद्र पर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। अल्ट्रासाउंड ठप रहने से जरूरतमंदों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी भी नजर आई। जिला अस्पताल आए रमेश राम, गोविंदी देवी, रमा भंडारी, दीपा देवी आदि ने कहा कि उन्हें चिकित्सक के अवकाश पर होने और अल्ट्रासाउंड न होने की जानकारी नहीं थी। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका।
अल्ट्रासाउंड छह दिन ठप रहने की संभावना
बागेश्वर। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड छह दिन ठप रहने की संभावना है। दरअसल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. टोलिया 28 अगस्त तक अवकाश पर हैं। ऐसे में अल्ट्रासाउंड का काम नहीं हो पाएगा। इससे बागेश्वर विकास खंड की गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। जिला अस्पताल में रोजाना लगभग 100 जरूरतमंद अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में रोजाना 70-80 अल्ट्रासाउंड होते हैं। वैकल्पिक बंदोबस्त नहीं हुआ तो विकास खंड की आबादी के लिए जिला अस्पताल में छह दिनों तक अल्ट्रासाउंड सेवा ठप रहेगी। जिले में जिला अस्पताल के अलावा बैजनाथ और कपकोट सीएचसी में ही अल्ट्रासाउंड की सेवा है। बैजनाथ और कपकोट में एक ही रेडियोलॉजिस्ट बारी-बारी अल्ट्रासाउंड करता है। दूसरे रेडियोलॉजिस्ट को यहां बुलाया गया तो कपकोट और गरुड़ विकास खंड की व्यवस्था बिगड़ जाएगी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने वैकल्पिक व्यवस्था की बड़ी चुनौती खड़ी है। ब्यूरो
कोट
रेडियोलॉजिस्ट के एविडेंस के चलते अल्ट्रासाउंड सेवा बाधित हो गई है। जरूरतमंदों की समस्या को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की यहां रोस्टरवार ड्यूटी लगाई जा सकती है।
डॉ. बसंत, सीएमएस, जिला अस्पताल